बसे हुए घरों पर नहीं चलाया जाएगा बुल्डोज़र : हैद्रा
हैदराबाद, हैदराबाद आपदा प्रतिक्रिया एवं संपदा संरक्षण एजेंसी हैद्रा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि के रूप में जिस स्थल को चिह्नित किया गया है, उसकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग की जा रही है। पहले से निर्मित भवनों को नहीं तोड़ा जा रहा है।
हैद्रा की टीमों ने आज रंगारेड्डी ज़िले के शेरिलिंगमपल्ली मंडल के अंतर्गत मख्ता महबूबपेट गांव के सर्वे नंबर 44 में रहने वाले निवासियों को भरोसा दिलाया कि जिन घरों में लोग पहले से रह रहे हैं, उन आवासों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।


हैद्रा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर वाणिज्यिक परिसरों का निर्माण करने वाले अतिक्रमणकारियों के प्रति सख्त रुख अपनाया जाएगा। सर्वे नंबर 44 में कुल 260.01 एकड़ भूमि सरकारी भूमि है। ग्राम अभिलेखों के अनुसार इस पूरे क्षेत्र को सरकारी भूमि के रूप में चिह्नित किया गया है। हालाँकि सरकारी भूमि पर पहले ही बड़ी संख्या में आवासों का निर्माण हो चुका है, लेकिन जिन घरों में लोग रह रहे हैं, उन्हें नहीं हटाया जा रहा है।
फर्जी दस्तावेज़ों वाले पंजीकरणों की जांच जारी
हैद्रा अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर चुके हैं और अब वे अपने स्वार्थ के लिए स्थानीय निवासियों को गुमराह कर रहे हैं। अपने भूखंडों और वाणिज्यिक परिसरों को बचाने के उद्देश्य से ये लोग निवासियों में बेवजह डर और भ्रम फैला रहे हैं। हैद्रा यहां फेंसिंग केवल अतिक्रमण रोकने के उद्देश्य से की जा रही है। जुलाई 2024 में सरकार ने इस संस्था का गठन किया था। सरकार पहले ही निर्णय ले चुकी है कि हैद्रा के गठन से पहले बनाए गए आवासों को नहीं हटाया जाएगा। हालाँकि यह सूचित किया गया है कि फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर किए गए पंजीकरणों को राज्य सरकार गंभीरता से ले रही है। इसी क्रम में संबंधित स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के एक सब-रजिस्ट्रार को निलंबित किया जा चुका है।
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हैद्रा ने सर्वे नंबर 44 में शेष बची सरकारी भूमि की सुरक्षा की है। प्रजावाणी में प्राप्त शिकायत के आधार पर बीके एन्क्लेव झील के पास स्थित 5 एकड़ सरकारी भूमि को पहले ही सुरक्षित कर वहां फेंसिंग की जा चुकी है। हाल ही में शनिवार और रविवार दो दिनों के दौरान 15 एकड़ सरकारी भूमि पर भी फेंसिंग लगाई गई है। हैद्रा उन लोगों पर नज़र रखे हुए हैं, जो अतिक्रमण कर दुकानों और शोरूमों को किराए पर देने वाले कुछ प्रभावशाली लोग हर महीने लाखों रुपये किराया वसूल कर रहे हैं। ऐसे अतिक्रमणों और बिना अनुमति बनाए गए ढांचों को हटाया जा रहा है। अपने अतिक्रमण, अवैध निर्माण और व्यवसायों को बचाने के लिए कुछ लोग स्थानीय निवासियों में बेवजह डर पैदा कर उन्हें मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। हैद्रा ने निवासियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएँ।
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