पार्टी बदलना आसान नहीं : ईटेला राजेंदर
हैदराबाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व सांसद ईटेला राजेंदर ने उनके भाजपा को छोड़कर फिर से बीआरएस में लौटने संबंधी दुष्प्रचार किए जाने का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे दुष्प्रचारों पर कोई भरोसा न करे। वे हरगिज भाजपा नहीं छोड़ेंगे, बल्कि भाजपा की जीत के लिए पूरी ताकत से जोर लगाएंगे।
शामीरपेट स्थित अपने आवास पर मीडिया को संबोधित करते हुए सांसद ईटेला राजेंदर ने कहा कि उनके पार्टी बदलने संबंधी पोस्टर लगाए जा रहे हैं, जो मात्र दुष्प्रचार है। पार्टी बदलना कपड़े बदलने जैसा आसान नहीं है। उनके (ईटेला) स्तर के नेता के लिए तो बार-बार पार्टी बदलना बिल्कुल संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पद के लोभी नहीं हैं।
यदि होते तो संयुक्त आंध्र प्रदेश के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी ने मंत्री पद का आफर देकर कांग्रेस में शामिल होने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि वाईएसआर ने यहां तक कहा था कि कोई भी मंत्री पद चाहो, दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीआरएस भी उन्होंने छोड़ी नहीं, बल्कि 5 साल पहले केसीआर ने खुद पार्टी से निकाल बाहर किया, बल्कि सत्ता का दुरुपयोग करके संपत्तियाँ तक छीनकर प्रताड़ित किया था।
ईटेला ने आगे कहा कि बीआरएस में करीब 25 साल तक रहे हैं, इसलिए अधिक परिचय है। कई लोग कह भी रहे हैं कि ईटेला को गंवाकर केसीआर ने गलती की है। इसलिए भी कई बार ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को बल मिलता है कि ईटेला फिर से केसीआर के पास लौट जाएंगे लेकिन ऐसा हरगिज नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समय आने पर पता लग जाएगा ईटेला क्या चीज है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि राजनीतिक दलों के भीतर मतभेद, प्रतिस्पर्धा होना स्वाभाविक है।
जीएचएमसी जीतेंगे
ईटेला ने विश्वास जताया कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) चुनाव में भाजपा अवश्य जीतेगी। उन्होंने कहा कि जीएचएमसी में सर्वे भी कराया जा रहा है और सभी भाजपा की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीएचएमसी परिधि में उन्हें (ईटेला) मिलाकर भाजपा के तीन सांसद एम. रघुनंदन राव, कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी हैं। इस बार जीएचएमसी में भाजपा को कैसे जीत दिलाना है, सभी मिलकर इस रणनीति पर काम कर रहे हैं।
राज्य में मुद्दा आधारित जन आंदोलनों के लिए भी रणनीति बनाई जा रही है जिसमें 2 केंद्रीय मंत्रियों को छोड़ दिया जाए तो भाजपा के शेष 6 सांसदों और विधायकों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहला आंदोलन कार्यक्रम चलो बालाजी नगर से शुरू किया जाएगा। निर्वाचन क्षेत्र के 30 किमी रेडियस में भूगर्भ जल प्रदूषण को लेकर रीसर्च किया जा रहा है। इस बार जीएचएमसी में जीतने वालों को ही टिकट दिया जाएगा। जीत के लक्ष्य से ही आगे बढ़ेंगे।
ईटेला ने म्युनिसिपल व पंचायतराज चुनाव के दौरान हुजूराबाद में प्रचार से दूरी बनाए रखने को लेकर पूछे गए प्रश्न पर कहा कि उनसे कहा गया था कि हुजूराबाद आपकी लोकसभा की परिधि में नहीं है, इसलिए हस्तक्षेप न करें। दूरी बनाए रखें। इसलिए प्रचार में नहीं गए। उन्होंने कहा कि हुजूराबाद डम्पिंग यार्ड के खिलाफ आंदोलन में यदि बुलाया जाएगा तो फिर से वहां नेतृत्व करने जाएंगे। उन्होंने कहा कि वैसे हुजूराबाद में गत 25 सालों से वे राजनीति कर रहे हैं। कभी भी नहीं हारे। म्युनिसिपालिटी, सरपंच या एमपीपी, जेडपीटीसी चुनाव में भी जीतते रहे हैं।
पुनर्सीमांकन में अन्याय की अफवाहें
भाजपा सांसद ने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया में दक्षिण के साथ अन्याय किए जाने को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही है जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरलम चुनाव प्रचार के दौरान स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर या दक्षिण का भेद नहीं होगा। दक्षिण की सीटें नहीं घटाई जाएंगी। फिर भी दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तेलंगाना में 17 लोकसभा सीटें हैं।
जनसंख्या के आधार पर डिलिमिटेशन में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी। 8 सीटें बढेंगी यानि 25 लोकसभा सीटें होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 80 लोकसभा सीटें हैं, वहाँ भी 50 प्रतिशत के हिसाब से 40 सीटें बढेंगी यानि कुल 140 सीटें होंने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के आधार पर दक्षिण में कम सीटें और उत्तर में अधिक सीटें होने की संभावना बताकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
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मूसी से पहले वादे पूरा करें रेवंत रेड्डी
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर बरसते हुए ईटेला ने कहा कि मुख्यमंत्री ने झूठ की बुनियाद पर शासन चलाने का मन बना लिया है क्योंकि मुख्यमंत्री की फिलासफी है कि झूठ बोलने वाले नेता ही चुनाव जीतते हैं जबकि यह गलत है। जनता के बीच रहने वाले नेता ही जीतते हैं। उन्होंने मूसी शुद्धिकरण योजना पर कहा कि मूसी नदी साफ हो और अतराफ रहने वालों को साफ हवा मिले, इससे किसी को इनकार नहीं है।
भाजपा इस योजना का विरोध भी नहीं कर रही है, लेकिन डेढ़ लाख करोड़ रुपये खर्च करके योजना बनाने से पहले मुख्यमंत्री को चाहिए कि जनता से जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की फीस रीअंबर्समेंट की राशि नहीं दिए जाने से उनका भविष्य दांव पर लगा है। रिटायरमेंट बेनिफिट के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपनी ही मेहनत के पैसे पाने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन देने मजबूर होना पड़ रहा है।
ईटेला ने आगे कहा कि कल्याण लक्ष्मी योजना के तहत 1 लाख रुपये सहित 1 तोला सोना देने का वादा मुख्यमंत्री ने किया था। सोना न सही, राशि दे देते तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये, विकलांगों को 4 हजार रुपये पेंशन, दलित बंधु, रैतू भरोसा जैसे कई वादे हैं, जिन्हें सबसे पहले पूरा किया जाना चाहिए।
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