बीआरएस की सरकार बनने पर सीआईडी नोटिस अधिकारियों के गले की फांस बनेगा : कौशिक रेड्डी
हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) विधायक पाडी कौशिक रेड्डी को सीआईडी द्वारा शनिवार, 4 अप्रैल को पूछताछ में उपस्थित होने संबंधी दिए गए नोटिस का हवाला देकर विधायक कौशिक रेड्डी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज भले उन्हें सीआईडी का नोटिस दिया गया, लेकिन कल अवश्य बीआरएस की सरकार बनेगी। यही नोटिस अधिकारियों के गले की फाँस बनेगा।
भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए विधायक पाडी कौशिक रेड्डी ने मांग करते हुए कहा कि यदि सीआईडी की जांच करनी हो तो पहले गैरकानूनी तरीके से 108 राउंड फायरिंग करने वाले करीमनगर के पुलिस कमीश्नर पर की जानी चाहिए। ज्ञातव्य है कि सम्मक्का सारलम्मा जातरा के समय गत 29 जनवरी को सड़क पर बैठकर आंदोलन कर रहे कौशिक रेड्डी पर पुलिस के कार्य में अवरोध पैदा करने, अधिकारियों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करके कानून व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप को लेकर हुजूराबाद में केस दर्ज किया गया था।
केस को बाद में सरकार ने सीआईडी को सौंप दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि करीमनगर व हनमकोंडा का कचरा हुजूराबाद में डम्प करने नहीं दिया जाएगा और डम्पिंग यार्ड के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इसे 5 या 6 अप्रैल को फिर से शुरू करेंगे। आंदोलन से उन्हें कोई नहीं रोक पाएगा।
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बजट सत्र में कांग्रेस सदस्यों की आलोचना पर नाराजगी जताई
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दलित विधायक कड़ियम श्रीहरि की ओर बंदूक से गोली मारने का हाथों व हाव भाव से इशारा करने आदि को लेकर भड़के कांग्रेस सदस्यों की आलोचनाओं के बाद सभापति द्वारा मामले को एथिक्स कमेटी को सौंपे जाने पर नाराज विधायक कौशिक रेड्डी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी एथिक्स कमेटी की जांच के दायरे में लाने की मांग की। उन्होंने बजट सत्र से पहले विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा भड़वे शब्द का उपयोग किए जाने संबंधी वीडियो क्लिपिंग मीडिया को दिखाते हुए कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री का यह व्यवहार एथिक्स कमेटी के दायरे में क्यों नहीं आएगा?
कौशिक रेड्डी ने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस सदस्यों के दुर्व्यवहार संबंधित सबूत भी एथिक्स कमेटी के समक्ष अवश्य पेश करेंगे। उन्होंने राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी को पद से बर्खास्त करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि बीआरएस विधायक दल के उपनेता टी. हरीश राव ने मंत्री पोंगुलेटी से संबंधित राघवा कंस्ट्रक्शन्स द्वारा अवैध खनन किए जाने को लेकर सदन समिति गठन करने की मांग विधानसभा में की थी, लेकिन सत्तापक्ष कांग्रेस द्वारा विषय से गुमराह करने के उद्देश्य से दलित का अपमान करने के आरोपों पर सदन में हंगामा किया गया और एथिक्स कमेटी का गठन करके मामले को दूसरी ओर मोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि चाहे जितने केस उन पर दर्ज किए जाएं, कांग्रेस द्वारा जनता को दी गई गारंटियों को लागू करने तक आंदोलन जारी रखेंगे। चाहे जितना परेशान किया जाए, जनता के पक्ष में खड़े होकर आंदोलन करते रहेंगे।
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