कलेक्टर राजर्षि शाह ने बदली आदिलाबाद जिले की तस्वीर

हैदराबाद,कभी पिछड़ेपन के प्रतीक रहे आदिलाबाद जिले की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। कलेक्टर राजर्षि शाह की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता और तकनीकी दृष्टिकोण ने जिले को नई पहचान दी है। अब यह जिला सुशासन का ऐसा उदाहरण बन गया है, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही है। शाह की जल संकल्पम् पहल ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई है।

जल संरक्षण पर केंद्रित इस कार्यक्रम के माध्यम से आदिलाबाद ने जल संचय जन भागीदारी योजना में जोन-3 में प्रथम स्थान प्राप्त किया और 2 करोड़ रुपयों का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। पारदर्शी एवं नैतिक प्रशासन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्वाचन प्रबंधन पुरस्कार भी प्राप्त हुआ।

कलेक्टर शाह की पहल पर शुरू किया गया आरोग्य पाठशाला कार्यक्रम भी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इस कार्यक्रम में स्कूलों में 20 मिनट की दैनिक स्वास्थ्य कक्षा अनिवार्य की गई और छात्रों को हेल्थ एंबेसडर के रूप में सशक्त बनाया गया। इस पहल को स्कॉच गवर्नेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, और इसका टूलकिट देशभर में लागू करने हेतु उपलब्ध कराया गया है। वहीं, प्रजावाणी प्रणाली के माध्यम से मंडल स्तर पर शिकायत निवारण का विकेंद्रीकरण किया गया, जिससे प्रशासन आम नागरिकों के और करीब पहुंचा और जनविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।

आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में कलेक्टर शाह ने वैज्ञानिक योजना और फील्ड स्तर पर सक्रिय नेतृत्व से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया। उनके नेतृत्व में 98,693 जल संरक्षण कार्यों को लक्ष्य पूर्वक संपन्न किया गया, इनमें प्रत्येक कार्य को जियो-टैग किया गया ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। बोरवेल पुनर्भरण संरचना, चेक डैम, इंडस पिट और मैजिक सोक पिट जैसे तकनीकी उपायों से भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस पहल ने आदिलाबाद को सतत कृषि मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया अब भीषण गर्मियों में भी जिले के खेत हरे-भरे बने रहते हैं।

आदिलाबाद के आदिवासी क्षेत्र नरणूर ने बीते दो वर्षों में एक सामाजिक क्रांति का रूप ले लिया है। आकांक्षा ब्लॉक कार्यक्रम में शीर्ष पाँच स्थानों में शामिल होकर नरणूर को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2024 और 20 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसके साथ ही, डेल्टा रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी मिला। 2 अगस्त को नरणूर तेलंगाना का एकमात्र ब्लॉक बना जिसे राज्यपाल द्वारा स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। यह उपलब्धि संपूर्ण अभियान के छह संकेतकों में 100 प्रतिशत संतृप्ति के लिए थी। इस सफलता के पीछे जनभागीदारी और ‘नरणूर मॉनिटरिंग ऐप’ के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की अहम भूमिका रही, जिसके परिणामस्वरूप 100 प्रतिशत सुरक्षित प्रसव और गंभीर एनीमिया के शून्य मामले दर्ज हुए। आज नरणूर मॉडल देशभर के जिलों के लिए प्रेरणा बन चुका है।

कलेक्टर राजर्षि शाह ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और जनभागीदारी के बल पर किसी भी क्षेत्र का भाग्य बदला जा सकता है। आदिलाबाद आज सुशासन का गोल्ड स्टैंडर्ड बनकर पूरे भारत के लिए प्रेरणास्रोत है।

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