सप्ताह में एक बार सरकारी स्कूल में भोजन करें कलेक्टर : सीएम रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कलेक्टरों को नसीहत देते हुए कहा कि वे प्रशासन को प्रभावी ढंग से चलाने में अपनी महती भूमिका निभाएं। विशेषकर सरकारी स्कूलों पर कड़ी निगरानी रखें और सप्ताह में कम से कम एक बार सरकारी स्कूल के बच्चों के साथ भोजन करें। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि यह सरकार उनके कार्यों पर नजर रखेगी। अच्छा कार्य करने पर सराहना मिलेगी। वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट के आधार पर आपके काम का मूल्यांकन किया जाएगा। जून में कलेक्टरों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए फिर बैठक आयोजित की जाएगी।
सचिवालय में आयोजित कलेक्टर्स कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि राज्य में 26 हजार सरकारी स्कूल हैं। प्रत्येक स्कूल में मध्याह्न भोजन की निगरानी के लिए एक अधिकारी को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए और यह तय होना चाहिए कि वह अधिकारी विद्यार्थियों के साथ स्कूल में भोजन अवश्य करें। कलेक्टरों को भी सप्ताह में एक बार किसी सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि फूड पॉयजनिंग की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए कदम कड़े कदम उठाए जाएँ। स्कूलों के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना सरकार का प्राथमिक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आरुटला मॉडल की तरह सभी सुविधाओं से युक्त 100 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक क्षेत्र के एक मंडल मुख्यालय में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक तेलंगाना इंटीग्रेटेड स्कूल स्थापित किए जाएंगे।
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आईएएस पद की सार्थकता पर सीएम का संदेश
सीएम ने कहा कि आईएएस यूं ही नहीं बनते। जब तक जनता के लिए उपयोगी कार्य नहीं किए जाते, तब तक उस पद की सार्थकता नहीं होती। उन्हें यह समझना होगा कि प्रभावी ढंग से कार्य करने पर ही कलेक्टर के रूप में बने रहेंगे। यदि कलेक्टर जमीनी स्तर पर दौरा नहीं करेंगे तो उन्हें कभी भी जनता की समस्याएं समझ में नहीं आएंगी। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि कम से कम महीने में 10 दिन ज़मीनी स्तर पर निरीक्षण के लिए दौरे करें।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि अधिकारी ही सरकार की आंखें और कान हैं। कलेक्टरों को सरकार और जनता के बीच सेतु की तरह कार्य करना चाहिए। सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाना उनका काम है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र पर भारी खर्च कर रही है। भविष्य में सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ सरकारी अस्पतालों का एकीकरण करने की योजना है। गरीबों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना ही लक्ष्य है। फर्जी नियुक्तियां कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसियों के मामले में कलेक्टरों को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलरों से धान वापस लेने की जिम्मेदारी कलेक्टरों की है। धोखाधड़ी करने वाले मिलरों के प्रति सख्ती बरती जाए। साथ ही यदि रेत माफिया और अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो संबंधित कलेक्टर और एसपी को तत्काल निलंबित किया जाएगा।
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