जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध : भट्टी विक्रमार्का
हैदराबाद, उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का मल्लू ने कहा कि सरकार ने हर रुपये का हिसाब रखकर वार्षिक बजट केवल जनता के कल्याण और तेलंगाना के विकास के लिए तैयार किया है। पहले बजट को अवास्तविक रूप से बढ़ाया जाता था, लेकिन अब यथार्थवादी बजट पेश किया गया है और आने वाले दो वर्षों में आय और व्यय में संतुलन लाने का लक्ष्य है।
बजट पर पर दो दिन तक चली सामान्य चर्चा का उत्तर देते हुए वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहे उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि बीआरएस के नेता सदन, लोकतंत्र, सम्मानित सदस्यों और राज्य की जनता का अपमान न करें। यदि उन्हें कोई आपत्ति है तो वे घर पर रहें, लेकिन बजट की प्रतियां फाड़ना और हंगामा करना बंद होना चाहिए।
विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप
बजट की प्रतियां फाड़ने और विरोध करने से विकास कार्य नहीं रुकेंगे। सरकार राज्य को आगे बढ़ाने और विकसित देशों के स्तर तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता बार-बार लोगों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन जनता अब उन पर भरोसा नहीं करती। जो लोग सरकार में रहकर खुद वैश्विक सम्मेलन आयोजित नहीं कर पाए, अब वे एमओयू पर सवाल उठा रहे हैं।
सदन में चर्चा के दौरान जब भाजपा के सदस्य महेश्वर रेड्डी ने बजट के आंकड़ों पर प्रश्न उठाए और गुमराह करने का आरोप लगाया तो उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की है और 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना जारी रहेगी। सरकार ने कई जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जैसे 1.15 लाख परिवारों को 5 लाख का दुर्घटना बीमा, सरकारी कर्मचारियों को 1.20 करोड़ रुपये का बीमा, और छात्रों के लिए नाश्ता योजना। उन्होंने बताया कि सरकार ने 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, लेकिन मंजूरी नहीं मिली।
केंद्र से मिलने वाले फंड वास्तव में राज्यों के ही पैसे होते हैं। तेलंगाना को हर 1 रु. के बदले केवल 30 पैसे मिलते हैं, जबकि अन्य राज्यों को अधिक हिस्सा मिलता है। उन्होंने भाजपा विधायकों से कहा कि वे इस मामले में केंद्र से बात करें। भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि सरकार का लक्ष्य तेलंगाना को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, जो प्रधानमंत्री के 30 ट्रिलियन लक्ष्य का हिस्सा है। सरकार सहकारी संघवाद में विश्वास रखती है और सभी को साथ लेकर चलना चाहती है।
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कृषि योजनाओं की अनदेखी से राज्य को हुआ नुकसान
कर्ज काफी बढ़ गया है और सरकार 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए रास्ते तलाश रही है। उन्होंने बताया कि बय्यारम में स्टील उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। छह गारंटियों में से अधिकांश लागू हो चुकी हैं और बाकी भी जल्द लागू की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शादी मुबारक और कल्याण लक्ष्मी योजनाओं में कोई बकाया नहीं है।
सरकार 75 प्रतिशत तक पूरे हो चुके मकानों को पूरा करने और हर 15 दिन में बिल भुगतान करने के लिए तैयार है। सरकार 10,372 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण कर रही है। 13,500 करोड़ से अधिक के कार्य सड़क एवं भवन विभाग के तहत चल रहे हैं। आउटर रिंग रोड और रीजनल रिंग रोड के बीच 39 रेडियल सड़कें और औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। सरकार क्योर, श्योर, रेर की रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है और हैदराबाद शहर के विकास के लिए काम कर रही है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जनकल्याण के लिए 50,700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। सरकार एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाना चाहती है। इसके लिए 5 वर्षों में 1 लाख करोड़ के ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है और हर साल 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
कृषि योजनाओं की अनदेखी से राज्य को हुआ नुकसान
भट्टी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में कृषि से जुड़ी केंद्र प्रायोजित योजनाओं को भी नजरअंदाज किया गया, जिससे राज्य को मिलने वाला 60 प्रतिशत केंद्रीय हिस्सा नहीं मिल सका। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद 3,000 करोड़ जमा किए, जिससे केंद्र से 10,000 करोड़ प्राप्त किए जा सके। भट्टी ने पूर्व सरकार पर आरोप लगाया कि बीआरएस द्वारा लंबित बिलों की बात करना उचित नहीं है, क्योंकि उनके शासन में हजारों करोड़ रुपये के बिल बकाया छोड़े गए थे।
कर्मचारियों के 4,600 करोड़ के बिल बकाया थे, जिसे वर्तमान सरकार चुका रही है। हर महीने 1,000 करोड़ बकाया चुकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार के गलत आर्थिक प्रबंधन को उजागर होने के डर से विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया। पिछले 10 वर्षों में बीआरएस शासन ने राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। कांग्रेस सरकार आने के बाद 2023-24 में 15,357 करोड़ रुपये ऋण लिया, लेकिन 25,000 करोड़ चुकाए।
2024-25 में 56,968 करोड़ ऋण लिया, लेकिन 66,545 करोड़ चुकाए। इसके बाद 2025-26 में 86,840 करोड़ रुपये ऋण लिया, लेकिन 93,194 करोड़ चुकाए। इस तरह दो वर्षों में कुल 1,59,165 करोड़ रुपये ऋण लिया गया, जबकि 1,85,090 करोड़ का कर्ज चुकाया गया।
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