तमिलनाडु में सांप्रदायिक राजनीति नहीं चलेगी : वीसीके संस्थापक

कन्याकुमारी (तमिलनाडु), सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सहयोगी और वीसीके के प्रमुख टी. थिरुमावलवन ने दावा किया है कि थिरुप्पारनकुंद्रम में दीप प्रज्ज्वलन के मुद्दे पर संघ परिवार द्वारा सांप्रदायिक आधार पर लोगों को विभाजित करने का प्रयास तमिलनाडु में सफल नहीं होगा।

थिरुमावलवन ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और हिंदू संगठन जानबूझकर हिंदुओं और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच संघर्ष पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं जैसा कि वे उत्तर भारत में करते आ रहे हैं ताकि तमिलनाडु में अपनी पकड़ मजबूत कर सकें। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) प्रमुख ने कहा कि द्रमुक के नेतृत्व वाला धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन राज्य में सांप्रदायिक नफरत को बर्दाश्त नहीं करेगा और उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

थिरुमावलवन ने कहा कि एकल न्यायाधीश का (एक दिसंबर को) एक सर्वे स्तंभ पर दीप जलाने के पक्ष में दिया गया आदेश भाजपा द्वारा न्यायपालिका पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। हमारी पार्टी ने मदुरै में इस फैसले के खिलाफ आंदोलन की योजना बनाई है। द्रमुक पर अल्पसंख्यकों का पक्ष लेने के आरोप पर उन्होंने कहा कि यह सरासर निराधार आरोप है। द्रमुक सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करती है और उसे हिंदुओं सहित सभी लोगों का व्यापक समर्थन प्राप्त है। (भाषा)

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button