आंदोलनकारियों के खून से सने हैं कांग्रेस के हाथ : केटीआर

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हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री कल्वाकुंट्ला तारक रामाराव ने कांग्रेस को तेलंगाना का शत्रु बताते हुए कहा कि तेलंगाना के इतिहास में कांग्रेस हमेशा के लिए विलेन (खलनायक) ही रहेगी, क्योंकि 1 हजार बलिदानियों की मौत का कारण बनी कांग्रेस के हाथ आंदोलनकारियों के खून से सने हुए हैं। तेलंगाना आंदोलन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव द्वारा 9 नवंबर, 2009 को किए गए अनशन को दीक्षा दिवस के रूप में भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में उत्सव की भांति मनाया गया।

अवसर पर संबोधित करते हुए केटीआर ने तेलंगाना आंदोलन के इतिहास की प्रमुख घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हर 3 दशकों में पीढ़ी बदलती है। उनके विचार भी बदल जाते हैं। ऐसे में हर पीढ़ी को पिछली 7 पीढ़ियों के इतिहास को याद रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई युगों के बाद भी रामायण, महाभारत के नायक व खलनायक कौन हैं? रावण कौन हैं ? पांडव व कौरव कौन हैं? आज की पीढ़ी को पता है, क्योंकि इस इतिहास का हमेशा मनन किया जाता रहा है।

नई पीढ़ी तेलंगाना आंदोलन का इतिहास याद रखे

इसी प्रकार तेलंगाना आंदोलन से संबंधित दशकों के इतिहास, उसके हीरो, विलेन, बलिदानियों के त्याग, युद्ध के योद्धा कौन हैं? किसने अनशन किया, किसने धोखा दिया आदि प्रमुख घटनाओं को याद रखने नई पीढ़ी को तेलंगाना के इतिहास का मनन कराने की जरूरत है। उसके लिए दीक्षा दिवस विशेष है। उन्होंने सभी से दशहरा, दीपावली उत्सव की भांति केसीआर के दीक्षा दिवस को मनाने का आह्वान किया।

केटीआर ने आगे कहा कि यदि नायक (हीरो) मौन रहेंगे तो खलनायक (विलेन) खुद को हीरो बताकर पोज मारने लगेंगे। इसलिए आंदोलन में भाग लेने वाले हर किसी को तेलंगाना आंदोलन की प्रमुख घटनाओं व केसीआर के दीक्षा दिवस से जनता को अवगत कराते रहना होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 से लेकर 2025 तक तेलंगाना की प्रथम शत्रु कांग्रेस ही रही है और तेलंगाना के साथ कांग्रेस के किए गए द्रोह के चलते 1 हजार बलिदानियों के बलिदानों की घटनाओं को भी याद रखा जाए। उन्होंने कहा कि पिछले 6 दशकों से कांग्रेस हमेशा तेलंगाना को डुबोती आ रही है।

केटीआर ने दलबदल और धोखे के आरोप दोहराए

कांग्रेस ने पहले भी तेलंगाना के जनप्रतिनिधियों को पार्टी में शामिल कराकर धोखा दिया और वर्तमान में भी वही कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस में दम हो तो बीआरएस के टिकट पर जीतने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए 10 दलबदलुओं से त्याग पत्र दिलवाकर उप चुनाव का सामना करे। उन्होंने आह्वान किया कि 60 सालों के तेलंगाना का इतिहास याद करके फिर से तेलंगाना के लिए समर्पित हों क्योंकि तेलंगाना को मिली स्वतंत्रता को बचाने के लिए दिल्ली के सामंतों की कैद से तेलंगाना को मुक्ति दिलाने का समय आ चुका है।

कांग्रेस ने कहा कि जनता ने दोनों राष्ट्रीय पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के मिलाकर तेलंगाना से 16 सांसद जिताकर लोकसभा में भेजे हैं, फिर भी सदन में तेलंगाना की आवाज मौन है क्योंकि तेलंगाना का स्वर बुलंद करने वाली बीआरएस सदन में नहीं उन्होंने कहा कि झूठे वादे करके धोखे से सत्ता में आई कांग्रेस पार्टी की अराजकताओं व भ्रष्टाचार को हमेशा जनता के बीच ले जाएंगे। केटीआर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ की आलोचना करते हुए कहा कि तेलंगाना आंदोलन के समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कहां थे पता नहीं लेकिन आज केसीआर की दीक्षा व आंदोलन पर मनमानी बयानबाजी कर रहे हैं।

केसीआर की नीति से बना तेलंगाना, अपमान पर कड़ा रुख

केटीआर ने कहा कि बीआरएस के पास संस्कार हैं इसलिए तेलंगाना घोषित करने के बाद कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी को धन्यवाद दिया गया। बीआरएस ने कुसंस्कारी मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की तरह कभी भी सोनिया गांधी को बलि देवता नहीं कहा। उन्होंने कहा कि केसीआर का मौन भी हलचल पैदा करता है पिछले दो सालों से केसीआर का नाम लिए बिना राजनीति नहीं हुई। यह केसीआर की ताकत है। उन्होंने कहा कि केसीआर की चाणक्य नीति के फलस्वरूप तेलंगाना हासिल हुआ है। केसीआर शब्द न हो, तो तेलंगाना ही नहीं होगा। यही सच्चाई है।

इसे हर किसी को मानना होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के समय तेलंगाना तल्ली के हाथों में बतुकम्मा के साथ जो स्वरूप माना गया था, उसे बदलकर अपमानित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा अपमान किया गया तो बर्दाश्त कर लेंगे परंतु तेलंगाना का अपमान किया गया तो सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने फिर से दोहराते हुए कहा कि सचिवालय के समक्ष स्थापित की गई पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा को हटाकर उसी स्थान पर तेलंगाना तल्ली की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

तेलंगाना आंदोलनकारियों को केटीआर ने दी श्रद्धांजलि

इससे पहले केटीआर ने तेलंगाना भवन स्थित तेलंगाना तल्ली की प्रतिमा व प्रोफेसर जयशंकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के अलावा भवन में रखे गए तेलंगाना अमर वीर स्तूप पर भी फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात तेलंगाना के बलिदानियों के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया। इसके अलावा तेलंगाना आंदोलन, वर्ष 2009 में 11 दिनों तक केसीआर के किए गए अनशन (दीक्षा), पूर्व केसीआर शासन के 10 सालों में किए गए विकास व कल्याणकारी कार्यों आदि पर आयोजित फोटो प्रदर्शनी का केटीआर ने उ‌द्घाटन किया। उन्होंने केसीआर के आंदोलनों पर प्रदर्शित डॉक्युमेंट्री (वृत्त चित्र) को विभिन्न नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर देखा। उन्होंने कहा कि दीक्षा दिवस पर तेलंगाना आंदोलन व आंदोलनकारियों के त्याग को फिर से याद करके पुनः समर्पित होने के इस दिन को पर्व की भांति हर साल मनाया जाएगा।

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