चयनात्मक कार्रवाई पर हैद्रा को अदालत में घसीटेंगी कविता

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हैदराबाद, तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने हैद्रा पर गरीबों को निशाना बनाने और अमीरों तथा प्रभावशाली बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि हैद्रा उनकीं माँगों के अनुरूप कार्रवाई नहीं करता और उनके (कविता के) खिल़ाफ सोशल मीडियो पोस्ट नहीं हटाए जाते, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कविता ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी संस्था ने मूसी नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में हो रहे एक निजी निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। मामले में सबूतों के साथ हैद्रा अधिकारियों को छह शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कविता ने आरोप लगाया कि अधिकारी गरीबों के घरों को तोड़ रहे हैं, जबकि बड़े बिल्डरों के निर्माण पर कार्रवाई से बच रहे हैं। कविता ने बताया कि जो बातें उन्होंने कहीं हैं, वहीं सब कुछ हैद्रा ने राजस्व अधिकारियों को लिखा है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है।

ड्रेनेज नियमों के उल्लंघन से आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या

कविता ने कहा कि मूसी नदी के पास एक इमारत प्रतिबंधित क्षेत्र में बनाई जा रही है। इससे ड्रेनेज नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है, जिसके कारण आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे पर हैद्रा द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए कुछ पोस्ट हटाए नहीं गए, तो वह हैद्रा आयुक्त रंगनाथ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी।

कविता ने मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना को लेकर सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को लेकर पारदर्शिता नहीं है। कुछ ही माह में परियोजना की अनुमानित लागत काफी बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से माँग की कि परियोजना का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले लोगों से बातचीत की जाए और विकास के नाम पर गरीबों के घरों को अनावश्यक रूप से न तोड़ा जाए।

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आदित्य बिल्डर्स के निर्माण पर नहीं मिली तहसीलदार की रिपोर्ट : हैद्रा

कविता के बयान के बाद हैद्रा ने स्पष्टीकरण दिया कि मूसी नदी के पास आदित्य बिल्डर्स द्वारा किए जा रहे निर्माण मामले में राजेंद्र नगर तहसीलदार को पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सैटेलाइट तस्वीरों की जाँच के दौरान कुछ संदेह सामने आए थे। इसी आधार पर तहसीलदार से जमीन की मैदानी जाँच कर रिपोर्ट देने को कहा गया। हालाँकि अब तक उनकी ओर से कोई उत्तर नहीं आया है।

आयुक्त ने कहा कि मूसी नदी किनारे आदित्य बिल्डर्स को पहले निर्माण की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में इसे पिछली सरकार के समय रद्द कर दिया गया। वर्तमान सरकार ने भी उसी निर्णय को जारी रखा, लेकिन आदित्य बिल्डर्स ने हाईकोर्ट का रुख किया और बताया कि उनका निर्माण बफर जोन के बाहर है। अदालत के निर्देश पर राजस्व और सिंचाई विभाग ने जाँच कर रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर हाईकोर्ट ने निर्माण अनुमति बहाल कर दी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ।

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