कोवे ने बालानगर में लांच किया 20वाँअवेक्षा डे केयर सेंटर

हैदराबाद, कंफडरेशन ऑफ वूमेन एंटरप्रोन्यर्स ऑफ इंडिया (कोवे इंडिया) द्वारा 20वाँअवेक्षा डे केयर सेंटर सिडबी के सहयोग सेबालानगर स्थित टेक्नोक्रेट औद्योगिक इस्टेट मेंलांच किया गया। केंद्र का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली श्रमिक महिलाओं के तथा समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को निशुल्क डे-केयर सुविधा प्रदान करना है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार,केआरएसएसटीजे इंटीग्रेटेड टेक्नोलॉजीज परिसर में स्थित केंद्र का औपचारिक उद्घाटन असोसिएशन ऑफ लॉयंस क्लब इंटरनेशनल के अंतरराष्ट्रीय निदेशक डॉ. जी. बाबू राव ने किया।

अवसर पर केएन एमआईएस सर्विस सोसाइटी के अध्यक्ष जीआर सूर्य राज, टेक्नोक्रेट्स असोसिएशन के अध्यक्ष विश्वेश्वर राव जपला, कोवे के संस्थापक निदेशक उमा घुरका, मधु त्यागी सहित अन्य उपस्थित थे। केंद्र में 6 माह से 6 वर्ष के 20 बच्चों को निशुल्क देखभाल सुविधा प्रदान की जाएगी। डॉ. बाबू राव ने कामकाजी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कोवे की प्रतिबद्धता की सराहना। उन्होंने नए केंद्र के संचालन व्यय को पूरा करने के लिए स्वयं तथा एक साथी की ओर से पाँच वर्षों के लिए प्रति वर्ष 60,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।उद्योगपति और वरिष्ठ लॉयन सदस्य जे. जगनमोहन रेड्डी ने 500 वर्ग फीट जगह किराया मुक्त देने की पेशकश की।

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औद्योगिक महिला कर्मचारियों को मिला देखभाल का सहारा

इसमें 25,000 रुपये प्रतिमाह का भुगतान शामिल है। विश्वेश्वर रावजपला ने केंद्र की दिन-प्रतिदिन की परिचालन आवश्यकताओं हेतु समर्थन देने का आश्वासन दिया। उमा घुरका तथा मधु त्यागी ने कहा कि धनाढ्य वर्ग डेकेयर और प्रीस्कूल जैसी सुविधाओं का खर्च उठा सकते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर औद्योगिक श्रमिकों के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं होता है। निशुल्क अवेक्षा डे केयर सेंटर इस अंतर को पाटने में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि बालानगर टेक्नोक्रेट औद्योगिक इस्टेट में 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयाँ हैं।

इनमें 10,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। इनमें महिलाओं की संख्या भी उल्लेखनीय है। अवेक्षा केंद्र के रूप में इस निशुल्कसुविधा का उद्देश्यबच्चों की देखभाल की चिंता किए बगैरमहिलाओं को नौकरी और आर्थिक स्वतंत्रता पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर तथा समर्थन प्रदान करना है। इस सुविधा द्वारा महिलाएँ 6 माह से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को सुबह से शाम, सोमवार से शनिवार तक डेकेयर सेंटर टीम के सुरक्षित हाथों में छोड़कर काम पर जाकर आय अर्जित कर सकती हैं।

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