सीएसआईआर-एनजीआरआई का एसआरआई के साथ करार
हैदराबाद, सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनजीआरआई), हैदराबाद ने अपने भूतापीय ऊर्जा अनुसंधान केंद्र (सीजीईआर) के माध्यम से भारत में सहयोगात्मक भूतापीय ऊर्जा अन्वेषण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए श्री राम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च (एसआरआई), नई दिल्ली के साथ समझौते ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
समझौता ज्ञापन पर सीएसआईआर-एनजीआरआई के निदेशक डॉ. प्रकाश कुमार और एसआरआई के निदेशक डॉ. मुकुल दास ने दोनों संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। देश भर में आशाजनक भूतापीय स्थलों पर पायलट संयंत्रों के डिजाइन और कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करते हुए भूतापीय ऊर्जा में संयुक्त अनुसंधान व विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समझौता किया गया।
इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान पारस्परिक रूप से पहचाने गए भ्रष्ट क्षेत्रों पर सहयोग करेंगे ताकि व्यवहार्य भूतापीय ऊर्जा उपयोग का प्रदर्शन किया जा सके और इस डोमेन में टिकाऊ, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का विकास किया जा सके। अवसर पर बोलते हुए, दोनों संस्थानों के नेतृत्व ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग भारत के स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में सार्थक योगदान देगा, साथ ही सीमांत ऊर्जा अनुसंधान में संस्थागत तालमेल को मजबूत करेगा।
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यह साझेदारी ऊर्जा सुरक्षा, हरित एवं टिकाऊ ऊर्जा समाधानों की ओर व्यापक परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संरेखित है। कार्यक्रम में डॉ. एम.जे नंदन (प्रधान, बीडीजी), डॉ. लाबोनी रे (प्रधान, सीजीईआर), डॉ. के. राम मोहन (प्रधान, एचआरडी) और सीएसआईआर-एनजीआरआई से वैज्ञानिक डॉ. नीरज कुमार, डॉ. वेद मौर्य, डॉ. निशू चोपड़ा, डॉ. मीनू तलवार जुल्का (प्रधान, एमएसडी), डॉ. भूपेंद्र (प्रधान, भूतापीय), तथा एसआरआई के विभिन्न प्रभागों के प्रधानों ने भाग लिया।
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