सीआईडी से साइबराबाद पुलिस को मिले दो नए स्निफर डॉग, के-9 स्क्वाड की बढ़ी ताकत

हैदराबाद, सीआईडी से प्रशिक्षित 2 पुलिस कुत्तों (के-नाइन) को साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय से जोड़ा गया। सीएसडब्ल्यू मुख्यालय के अतिरिक्त डीसीपी हनुमंत राव ने बताया कि इन दोनों के शामिल होने के बाद आयुक्तालय में कार्यरत पुलिस डॉग्स की कुल संख्या 18 हो गई है।

हनुमंत राव ने बताया कि वर्तमान में के-9 स्व-वाड में 12 डॉग्स विस्फोटक पदार्थों की पहचान के लिए, 2 डॉग्स मादक पदार्थों की पहचान के लिए, 4 ट्रैकर डॉग्स अपराधियों की तलाश और साक्ष्य जुटाने के लिए कार्यरत हैं। सीआईडी से आए दो नए केनाइन में ‘राना’ (बेल्जियन मालिनोइस, 4 वर्ष) और ‘राडो’ (लैब्राडोर, 10 वर्ष) शामिल हैं। यह अपराधों की जाँच, विस्फोटक की पहचान तथा ट्रैकिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अहम भूमिका निभाएंगे।

बीडी टीम के आरआई नागराजू और आरएसआई वेंकटेश के नेतृत्व में इनकी सेवाओं का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक पहचान करने वाले डॉग्स का उपयोग वीआईपी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों की बैठकों, एंटी-सबोटाज चेकिंग और धमकी भरे कॉल्स की जाँच में किया जाता है। ट्रैकर डॉग्स अपराधियों का सुराग लगाने, लापता व्यक्तियों या सामान को ढूँढ़ने और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में मदद करते हैं।

नारकोटिक डॉग्स गांजा, कोकीन, मेथाम्फेटामाइन, ओपियम, एमडीएमए और हेरोइन जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों की पहचान में विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं। उल्लेखनीय है कि साइबराबाद पुलिस का के-9 स्क्वाड राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुका है। नारकोटिक श्रेणी के केनाइन तेजा ने वर्ष 2024-25 में अखिल भारतीय पुलिस मीट, रांची में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा नगर में आयोजित तेलंगाना पुलिस ड्यूटी मीट में भी कांस्य पदक हासिल किया था। इसी तरह विस्फोटक पहचान श्रेणी की केनाइन रीना ने तेलंगाना पुलिस ड्यूटी मीट 2024 (हैदराबाद) और 2025 (वरंगल) में कांस्य पदक जीतकर विभाग का नाम रोशन किया था।

विभिन्न नस्लों के प्रशिक्षित डॉग्स दे रहे सेवाएँ

के-9 स्क्वाड में सबसे अधिक संख्या लैब्राडोर नस्ल की है, जबकि डाबरमैन और बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल के डॉग्स सेवा दे रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि लैब्राडोर मूल रूप से कनाडा से संबंधित नस्ल है, जिसे ब्रिटेन में विकसित किया गया। डाबरमैन जर्मनी की नस्ल है, जबकि बेल्जियन मेलिनोइस बेल्जियम की विशेष प्रशिक्षित कार्यशील नस्ल मानी जाती है।

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