कैदियों के सुधार की दिशा में नशामुक्ति केंद्र महत्वपूर्ण : राज्यपाल
हैदराबाद, तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने चेर्लापल्ली केंद्रीय जेल में नशा मुक्ति केंद्र निवृत्ति का उद्घाटन किया। उन्होंने कारागारों में इस तरह की सुविधाओं की स्थापना को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कदम कैदियों के पुनर्वास और सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।



राज्यपाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नशीली दवाओं का दुरुपयोग आज गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता बन गया है, जिससे निपटने के लिए व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। उन्होंने अपने कुछ व्यक्तिगत राजनीतिक अनुभवों को साझा करते कहा कि वे स्वयं कई बार जेल जा चुके हैं, जिससे उन्हें कैदियों और जेल कर्मियों की समस्याओं को समझने का अवसर मिला। अपने संबोधन में उन्होंने कारागार सुधार के लिए उठाए गए कदमों जैसे पंखे और टेलीविजन जैसी बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान और पुलिस कांस्टेबलों व वार्डनों के वेतन में समानता लाने जैसे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
राज्यपाल ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने तेलंगाना जेल महानिदेशक डॉ. सौम्या मिश्रा के नेतृत्व में जेलों में अपनाए जा रहे सुधारोन्मुखी दृष्टिकोण तथा निवृत्ति जैसे अभिनव केंद्रों की स्थापना की प्रशंसा भी की।
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चेर्लापल्ली में नशामुक्ति केंद्र जेल सुधारों में मील का पत्थर
जेल एवं सुधारात्मक सेवा महानिदेशक डॉ. सौम्या मिश्रा ने अवसर पर कहा कि चेर्लापल्ली में नशामुक्ति केंद्र की स्थापना जेल सुधारों में मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि नशे की लत को दंडात्मक उपायों के बजाय चिकित्सा देखभाल, परामर्श तथा पुनर्वास के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे के तौर पर लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चंचलगुड़ा, संगारेड्डी निजामाबाद तथा चेर्लापल्ली केंद्रीय जेलों के साथ-साथ हैदराबाद की महिला विशेष जेल में भी निवृत्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक कुल 2,915 कैदियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 590 का डब्ल्यूएचओ-असिस्ट मूल्यांकन करते हुए परामर्श और उपचार प्रदान किया गया।
राज्यपाल ने यहां प्रिज़नर एग्रीकल्चरल कॉलोनी के साथ-साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी पहल एरिया 77 नेचर कैम्प और एडवेंचर पार्क तथा जैविक खेती, मधुमक्खी पालन और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का निरीक्षण किया। कृषि व व्यावसायिक कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कैदियों के बीच कौशल विकास, अनुशासन तथा जिम्मेदारी को बढ़ावा देने वाली पहलों की प्रशंसा की। अवसर पर जेल महानिरीक्षक एन. मुरलीबाबू, उप महानिरीक्षक (हैदराबाद रेंज), केंद्रीय कारागार, हैदराबाद अधीक्षक डॉ. डी. श्रीनिवास, केंद्रीय कारागार, चेर्लापल्ली अधीक्षक एन. शिव कुमार गौड़ व अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
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