दिल्ली हाईकोर्ट ने यूएपीए मामले में आरोपी दो व्यक्तियों को जमानत दी
नयी दिल्ली, दिल्ली उच्च न्यायालय ने देश में आतंकवादी कृत्यों की साजिश रचने के आरोपी दो व्यक्तियों को यूएपीए के तहत दर्ज मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी और कहा कि वे पहले ही चार साल से अधिक समय तक जेल में रह चुके हैं।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने हारिस निसार लंगू और जामिन आदिल भट की अपील स्वीकार कीं। दोनों को अक्तूबर 2021 में एनआईए ने गिरफ्तार किया था और 2023 में निचली अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार किया था। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ताओं की भूमिका सीमित होने के कारण उनकी निरंतर हिरासत न्याय के दृष्टिकोण से सही नहीं होगी।
यह भी पढे़: दिल्ली उच्च न्यायालय में छह नए न्यायाधीशों ने पद की ली शपथ
अदालत ने कहा कि इसलिए, हमारे विचार में, अपीलकर्ताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखते हुए, उन्हें निरंतर हिरासत में रखने से भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके अधिकार का उल्लंघन हो सकता है। अपीलकर्ता पहले ही लगभग चार साल और चार महीने हिरासत में रह चुके हैं, और सुनवाई के जल्द समाप्त होने की कोई निश्चितता नहीं है। (भाषा)
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।





