दिल्ली हाईकोर्ट में रेस्तरां सेवा शुल्क बहाली की मांग

नई दिल्ली, दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका में उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें कहा गया है कि रेस्तरां भोजन के बिल पर अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क नहीं लगा सकते क्योंकि यह जनहित के खिलाफ है और अनुचित व्यापार व्यवहार के समान है। ‘नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (एनआरएआई) द्वारा दायर अपील मंगलवार को एक खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध होने की संभावना है।

एसोसिएशन ने एकल न्यायाधीश के 28 मार्च के फैसले को चुनौती दी है। इस फैसले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के दिशानिर्देशों के खिलाफ रेस्तरां निकायों की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। सीसीपीए ने होटलों और रेस्तराओं को भोजन बिल पर अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क लगाने से रोक दिया था।

एकल न्यायाधीश ने दिशानिर्देशों को बरकरार रखा था और याचिकाकर्ताओं पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा था कि इसे उपभोक्ता कल्याण के लिए सीसीपीए में जमा कराया जाए। न्यायाधीश ने कहा था कि रेस्तरां भोजन के बिल पर अनिवार्य रूप से सेवा शुल्क नहीं लगा सकते क्योंकि यह जनहित के खिलाफ है और अनुचित व्यापार व्यवहार के समान है।(भाषा)

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