सदर कार्यक्रम में पशु हिंसा रोकने की कार्रवाई पर विवरण तलब
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने सदर कार्यक्रम के दौरान पशु हिंसा को रोकने के लिए किस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है, इसका विवरण देने के राज्य सरकार को आदेश दिए। अदालत ने सदर कार्यक्रम को अनुमति देने से पूर्व पशु हिंसा को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करने संबंधी याचिकाकर्ता के विनती पत्र को ध्यान में रखने के भी आदेश दिए। इस आदेश के साथ मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एन.वी. श्रवण कुमार ने 27 अक्तूबर तक स्थगित कर दी।
दुन्नापोतुला पंडुगा (सदर) के नाम से होने वाली पुश हिंसा को रोकने के लिए आदेश देने के आग्रह के साथ गत 9 अक्तूबर को करीमनगर ज़िला निवासी ए. गौतम ने तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक को विनती पत्र सौंपा। सौंपे गए विनती पत्र पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई न होने पर गौतम ने इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय की शरण ली। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने दलील देते हुए बताया कि सांप्रदायिक पर्वों के उद्देश्य को नुकसान पहुँचाते हुए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर पशु हिंसा की जा रही है।
यह भी पढ़ें… उच्च न्यायालय ने एचपीएस निधियों के दुरुपयोग की जाँच के आदेश
पशु हिंसा रोकने को लेकर आदेश जारी
इस प्रकार के पर्वों से पशु हिंसा तेजी से बढ़ रही है। भैंसों और बैलों के नाक को रस्सी से बाँधकर खींचते हुए उनके साथ हिंसात्मक कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार उन्हें हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है, इसीलिए पशु हिंसा को रोकने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए। पशु हिंसा निरोधक अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश देने का आग्रह किया।
इस पर सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि सदर पर्व के आयोजन के लिए पुलिस की ओर से अनुमति दी गई है या नहीं, इसकी जानकारी हासिल कर ली जाएगी। जानकारी हासिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया। न्यायाधीश ने दलील सुनने के पश्चात राज्य सरकार और पुलिस को आदेश जारी किए और प्रतिवादी पशु संवर्धन विकास के मुख्य सचिव, हैदराबाद, साइबराबाद, रामागुंडम पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर प्रतियाचिका दायर करने के आदेश देते हुए सुनवाई 27 अक्तूबर तक स्थगित कर दी।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



