भ्रष्टाचार पर डीजीपी शिवधर रेड्डी की चेतावनी बेअसर

हैदराबाद, पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने पुलिसकर्मियों के भ्रष्टाचारी क्रियाकलापों में पकड़े जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक का पद संभालने के तुरन्त बाद राज्य के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी। इस पत्र में उन्होंने होमगार्ड से लेकर आईपीएस अधिकारी तक सभी को जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने पर जोर दिया था। इसके साथ ही समाज के गरीब और कमजोर तबकों के लोगों के साथ मानवता से पेश आने और उनके साथ इन्साफ करने की बात कही थी।

शिवधर रेड्डी ने यह भी कहा था कि पुलिस थानों को सिविल मामलों के सेटलमेंट का प्लेटफार्म (अड्डा) नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुशासन के अलावा किसी भी चीज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक की ओर से इतनी सख्त चेतावनी के साथ आदेश होने के बावजूद भी हाल ही में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा मारे गए छापे की कार्रवाई से यह साफ हो रहा है कि फील्ड लेवल पर कुछ पुलिस अधिकारी अपने पुराने तरीकों को नहीं बदल रहे हैं।

वर्तमान समय में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसीबी) चारु सिन्हा के नेतृत्व में विभाग ने पूरे राज्य में अपनी गतिविधियाँ तेज कर दी हैं। मंगलवार को एसीबी के अधिकारियों ने आरजीआईए शमशाबाद पुलिस थाने के आउट पोस्ट पर इंस्पेक्टर संपत्ति कनकय्या और सब-इंस्पेक्टर यू.के. सिद्धेश्वर को पासपोर्ट से संबंधित एक मामले में जल्द आरोप-पत्र दायर करने हेतु आरोपी से दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी इंस्पेक्टर के घर में ली गई तलाशी के दौरान उनके घर से 33,97,000 रुपये की नकदी बरामद की गई।

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निर्मल और माधापुर में सब-इंस्पेक्टरों को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार

इसी तरह मल्काजगिरी साइबर अपराध पुलिस थाने में कार्यरत दो रिजर्व सब-इंस्पेक्टर प्रमोद गौड़ और जटावत बाबू नायक को साइबर अपराध के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने से बचाने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इससे स्पष्ट हो रहा है कि भ्रष्टाचार केवल शहर तक ही सीमित नहीं, बल्कि ज़िलों में भी फैल गया है। निर्मल ज़िले के मामडा पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर टी. अशोक को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए और माधापुर के सब-इंस्पेक्टर गंड्रा विनय को नोटिस जारी करने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एसीबी के अधिकारियों ने जाल बिछाकर पकड़ा था।

वरंगल के काकतिया विश्वविद्यालय पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर श्रीकांत को जब्त किए गए वाहनों को छोड़ने के लिए एक निजी वाहन चालक के पास से 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए हिरासत में लिया गया। सिद्दिपेट पुलिस आयुक्तालय के तहत मुलुगु पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर विजय कुमार को 50 हजार रुपये, मेदक ज़िले के टेकमाल पुलिस थाने के सब-इंस्पेक्टर राजेश को नोटिस जारी करने के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एसीबी के अधिकारियों ने रंगे हाथ पकड़ा था।

टेकमाल के मामले में सब-इंस्पेक्टर एसीबी के अधिकारियों को देखकर फरार होकर खेतों में छुप गया था, लेकिन एसीबी के अधिकारियों ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया। चारु सिन्हा ने आम जनता से अपील की कि कोई भी अधिकारी रिश्वत की माँग करता है, तो वे एसीबी के टोल फ्री नं. 1064 पर शिकायत करें।

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