जूते खराब करने पर ड्राई-क्लीनिंग सेंटर पर 7,000 रुपये हर्जाना
हैदराबाद, हैदराबाद जिला उपभोक्ता निपटारा आयोग ने गलत रसायनों के इस्तेमाल से जूते खराब करने के मामले में एक ड्राई-क्लीनिंग सेंटर को निर्देश दिये हैं कि ग्राहक को 7,000 रुपये अदा किये जाएँ। हैदराबाद की उपभोक्ता मामलों की अदालत ने ड्राई-क्लीनिंग सेंटर टंब लांड्री प्राइवेट लिमिटेड को 5,000 रुपये मुआवजा और 2,000 रुपये मुकदमे का खर्च देने का निर्देश दिया।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला बंजारा हिल्स निवासी पल्लवी ने दर्ज कवाया था। शिकायत के अनुसार उन्होंने 14 दिसंबर 2024 को ड्राई-क्लीनिंग के लिए आठ वस्तुएं दी थीं, जिनमें तीन जोड़ी जूते और दो कपड़े शामिल थे। इस सेवा का कुल बिल 1,377 रुपये था। तीन दिन बाद सेंटर के एक कर्मचारी ने पल्लवी को बताया कि सफाई के दौरान गलत रसायन इस्तेमाल होने से उनके स्पोर्ट्स शूज़ खराब हो गए।
कर्मचारी ने कथित तौर पर अपनी नौकरी जाने के डर से अपने पास से 15,000 रुपये और सेंटर की ओर से 3,500 रुपये देने की पेशकश की, लेकिन पल्लवी ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। उनका कहना था कि जूतों की कीमत करीब 50,000 रुपये है। इसके बाद पल्लवी ने 7 मार्च 2025 को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने जूतों की कीमत के रूप में 50,000 रुपये और मानसिक पीड़ा, आर्थिक नुकसान तथा मुकदमे के खर्च के लिए 80,000 रुपये की मांग की थी।
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मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने यह प्रमाण दिया है कि जूते विदेश से खरीदे गए थे। सभी परिस्थितियों को देखते हुए आयोग ने 5,000 रुपये मुआवजा और 2,000 रुपये खर्च देना उचित माना। आयोग ने यह भी कहा कि यदि 45 दिनों के भीतर राशि नहीं दी गई, तो ड्राई-क्लीनिंग सेंटर को इस रकम पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा।
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