बिना अपराध केस बनाने पर ईडी-भाजपा को नोबेल मिले : सिंघवी
नयी दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक सिंघवी ने सोमवार को कहा कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नेशनल हेराल्ड के मामले को फिर से उछाला गया है, जबकि इस मामले में कोई दम नहीं है क्योंकि पैसे या संपत्ति का कोई लेन-देन नहीं हुआ। उन्होंने कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और भाजपा को इस बात के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए कि जहां कोई अपराध ही नहीं हुआ हो वहां कैसे अपराध का मामला पैदा किया जाता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा कि मोदी सरकार सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी और कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाने के लिए धमकी की राजनीति कर रही है। अर्थव्यवस्था की बर्बादी, देश में फैलती नफरत, बेरोजगारी, विफल विदेश नीति, अमेरिका और चीन की धमकी से देश का ध्यान भटकाने के लिए सरकार नेशनल हेराल्ड का मुद्दा उछाल रही है। उनका कहना था, नेशनल हेराल्ड का मामला इकलौता ऐसा उदाहरण है, जहां एक भी पैसे की लेनदेन या फायदे के बिना धनशोधन का मामला बनाया जा रहा है। इसे तो दुनिया के अजूबों में गिना जाना चाहिए।
एजेएल की मजबूती के लिए कर्ज को हिस्सेदारी में बदलने का निर्णय
सिंघवी के अनुसार, नेशनल हेराल्ड की स्वामित्व कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) बहुत पुरानी कंपनी है तथा यह ब्रिटिश काल में अंग्रेजों के ख़िलाफ़ भी खड़ी थी। उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि आदर्शवाद पर स्थापित संस्थाएं आर्थिक रूप से बेहतर प्रदर्शन नहीं करतीं। यहीं एजेएल के साथ हुआ। अपने इन्हीं आदर्शों को बनाए रखने के लिए कांग्रेस ने अलग-अलग समय पर एजेएल को कर्ज दिया, जो एक वक्त 90 करोड़ रुपये हो गया था।
सिंघवी ने कहा कि ऐसे में फैसला लिया गया कि कैसे इस कंपनी को मज़बूत किया जाए। इसलिए लिए जरूरी था कि कंपनी को कर्ज मुक्त किया जाए। इसीलिए उसके कर्जे को हिस्सेदारी में बदल दिया गया। ये काम देश में हर कंपनी करती है। वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना है कि एजेएल की शेयर होल्डिंग यंग इंडियन नामक इकाई के हाथ में आ गई तथा इस पूरी प्रक्रिया में न तो कोई पैसे लेनदेन हुआ और न ही किसी संपत्ति ली-दी गई।
नींव बिना मामला कैसे खड़ा होगा?
सिंघवी ने कहा कि इस मामले में एक आरोप पत्र पहले ही दायर हो चुका है तथा यह राउज एवेन्यू (दिल्ली) की विशेष अदालत में लंबित है। मैंने इस मुद्दे पर जिरह की थी कि ये आरोप पत्र निरस्त हो, क्योंकि ईडी के अधिनियम में लिखा है कि जो विभाग/यूनिट सरकारी हो, सिर्फ वही शिकायत कर सकता है। सिंघवी के मुताबिक, इस मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अदालत जाकर निजी स्तर पर शिकायत की थी और कुछ समय बाद इस शिकायत को उच्च न्यायालय से स्थगन करवा दिया गया था।
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सिंघवी ने कहा कि मुझे कोई संदेह नहीं है कि इसी कमी को ठीक करने के लिए ये नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। अब इसी को आधार बनाया जाएगा। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति ‘विपक्ष को थकाओ, झूठ को सजाओ और एजेंसियों को नचाओ की है तथा उसका नया नारा न सबूत, न तर्क, सिर्फ टार्गेट है। सिंघवी ने सवाल किया कि जहां नींव ही नहीं है, वहां इमारत कैसे खड़ी होगी? जब कोई अपराध ही नहीं हुआ तो फिर मामला कैसे बनेगा? उन्होंने इस बात पर जोर दिया, भाजपा को समझ लेना चाहिए कि अगर (विपक्ष की) आवाज़ दबाएगी तो वो और बुलंद होगी। सच को दबाओगे तो वो और प्रचंड होगा। हम न झुकेंगे, न रुकेंगे। भाजपा को जवाब कानून देगा, समय देगा और जनता देगी। (भाषा)
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