बंगाल में आक्रामक हुआ चुनाव प्रचार, जारी हुआ भाजपा का संकल्प पत्र !

भाजपा वर्ष 2026 में बंगाल से ममता सरकार की विदाई तय करने के लिए सतर्कता के साथ कड़ी मेहनत कर रही है। बंगाल के विश्लेषकों का मत है कि बंगाल में ममता दीदी का दुर्ग भेदना अभी भी बहुत कठिन है क्योंकि चुनावी हिंसा बहुत अधिक होती है लेकिन इस बार चुनाव आयोग भी बहुत सख्त है अतः परिस्थिति बदल सकती है। इस बार चुनावों के बाद भी दो माह तक बंगाल में केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। विश्लेषकों कहना है कि यदि इस बार बंगाल चुनाव बिना किसी हिंसा के संपन्न हो जाते हैं तो भाजपा सरकार बनने की सम्भावना भी बन सकती है।
असम, केरल व पुड्डुचेरी में विधानसभा चुनाव हेतु मतदान संपन्न हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु के चुनाव प्रचार में आक्रामकता आ गई है। बंगाल के सन्दर्भ में प्राप्त विश्लेषणों के अनुसार ऐसा लग रहा है कि इन चुनावों में बंगाल में मात्र दो प्रतिशत मतों के अंतर से ही सरकार बनने का खेल होने वाला है। सत्ता के लिए प्रमुख लड़ाई चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत ममता बनर्जी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच ही है और यही दोनों आक्रामक रूप से चुनाव प्रचार भी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पहले ममता सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया, फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया।
इस बीच बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने बीजेपी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर हिंसा को बढ़ावा देने वाली बयानबाजी आरम्भ कर दी। अभिषेक बनर्जी तो अपनी रैली में सीधे तौर पर भाजपा के कार्यकर्ताओं की गर्दन, हाथ, पैर तोड़ने तक की बात कह रहे हैं । इसके लिए उनके खिलाफ चुनाव आयोग की ओर से एफआईआर भी की गई है। बंगाल की मुख्यमंत्री ने स्वयं चुनाव आयोग की कार्य प्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और लगातार कोर्ट में अभियान चला रही हैं। बंगाल की मतदाता सूची से लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम कट जाने से वह अधिक परेशान हैं।
मोदी ने जनसभाओं में जनता को छह गारंटियां दीं
भाजपा भी इस बार सरकार बनाने के लिए लड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी हल्दिया, आसनसोल व सिउड़ी में विशाल जनसभाओं में बंगाल की जनता को छह गारंटियां दीं जिनको भाजपा के संकल्प पत्र में दोहराकर मजबूत किया गया। इन जनसभाओं में प्रधानमंत्री मोदी ने जहाँ एक ओर विकास और सुशासन का एजेंडा सामने रखा वहीं दूसरी ओर टीएमसी सरकार पर चौतरफा प्रहार किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद सबका साथ सबका विकास तो होगा ही लेकिन जिन लोगों ने लूटा है, उन लुटेरों का हिसाब भी होगा। उन्होंने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विगत 15 वर्षों में राज्य में सिंडीकेट, कट मनी और गुंडाराज का बोलबाला रहा है जिससे आम जनता का विश्वास टूटा है। भाजपा सरकार आने पर भय की जगह भरोसा कायम किया जायेगा। भ्रष्टाचार करने वालों को जेल भेजेंगे। सरकारी सिस्टम जनता के लिए जवाबदेह होगा।
हर घोटाले, भ्रष्टाचार ओर बहन-बेटियों के साथ हुए अन्याय की फाइलें, खुलेंगी। घुसपैठियों को खोज-खोजकर खदेड़ा जाएगा।प्रधानमंत्री मोदी की विशाल जनसभाओं के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा का संकल्प पत्र जारी किया है जिसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। बंगाल में कोलकाता के भाजपा कार्यालय में एक विशाल वंदेमातरम संग्रहालय बनाया जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि हम वंदे मातरम की परिकल्पना के माध्यम से बंगाल की संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेंगे।
वंदे मातरम संग्रहालय स्थापना की बड़ी घोषणा
अभी वंदेमातरम की 150वीं जयंती पर संसद में विशेष सत्र का आयोजन हो चुका है। साथ ही अब सरकारी आयोजनों में संपूर्ण वंदे मातरम गायन अनिवार्य किया जा चुका है। बंगाल की दृष्टि से वंदेमातरम संग्रहालय की स्थापना एक महत्वपूर्ण घोषणा है।भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में दूसरी बड़ी घोषणा सिंगूर को लेकर की है जिसमें भाजपा ने सरकार बनने के बाद वहां एक औद्योगिक पार्क बनाने का संकल्प किया है।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिंगूर से अपनी राजनैतिक जमीन बनाने की शुरुआत की थी। पश्चिम बंगाल का सिंगूर विवाद भारत के औद्योगिक और राजनीतिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना रही है। सिंगूर विवाद वर्ष 2006 में शुरू हुआ था जब तत्कालीन वामपंथी सरकार ने हुगली जिले के सिंगूर में टाटा मोटर्स को नैनो कार बनाने के लिए करीब 997 एकड़ जमीन दी।
सरकार ने यह जमीन पुराने भूमि अधिग्रहण कानून के अंतर्गत ली थी किंतु सरकार ने निर्णय का कुछ स्थानीय किसान संगठनों ने विरोध किया था तब ममता बनर्जी किसानों के समर्थन में आ गई और मां, माटी और मानुष का नारा दिया। आज बंगाल मे सभी कल-कारखाने बंद हो चुके हैं और भारी बेरोजगारी है। यही कारण है कि भाजपा ने अब सिंगूर में ही औद्योगिक पार्क बनवाने का संकल्प लिया है।
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कानून व्यवस्था सुधार और विकास पर भाजपा का जोर
संकल्प पत्र में राज्य में कानून व्यवस्था सुधारने और विकास को गति देने को भाजपा का लक्ष्य बताया गया है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं, युवाओं, किसानों, बुजुर्गों एवं व्यापारियों के लिए घोषणा की है। भाजपा के संकल्प पत्र में बंगाल मे राजनीतिक हिंसा की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में एक विशेष आयोग बनाया जाएगा और सभी मामलों की जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
साथ ही कानून व्यवस्था की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। इसके अलावा घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति लागू की जाएगी। कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता लागू किया जाएगा। महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। आयुष्मान भारत सहित केंद्र सरकार की सभी योजनाएं बंगाल में लागू की जाएंगी। भाजपा ने बंगाल में भी समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया है और युवाओं को एक करोड़ रोजगार देने का वादा भी किया है।
भाजपा वर्ष 2026 में बंगाल से ममता सरकार की विदाई तय करने के लिए सतर्कता के साथ कड़ी मेहनत कर रही है। बंगाल के विश्लेषकों का मत है कि बंगाल में ममता दीदी का दुर्ग भेदना अभी भी बहुत कठिन है क्योंकि चुनावी हिंसा बहुत अधिक होती है लेकिन इस बार चुनाव आयोग भी बहुत सख्त है अतः परिस्थिति बदल सकती है। इस बार चुनावों के बाद भी दो माह तक बंगाल में केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। विश्लेषकों कहना है कि यदि इस बार बंगाल चुनाव बिना किसी हिंसा के संपन्न हो जाते हैं तो भाजपा सरकार बनने की सम्भावना भी बन सकती है।
मृत्युंजय दीक्षित
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