गाय के प्रति प्रेम पर निबंध प्रतियोगिता और समर कैंप
हैदराबाद, लव फॉर काऊ फाउंडेशन द्वारा मोइनाबाद स्थित श्री स्वामीनारायण गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में गाय के प्रति प्रेम निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
यहाँ मुकेश चौहान द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुकुल में निबंध प्रतियोगिता के साथ गौशाला में एक दिवसीय समर कैंप आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में विद्यार्थी को करुणा, सांस्कृतिक जागरूकता और गौमाता कल्याण को बढ़ावा कैसे दें, इसकी प्रेरणा दी गई। प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थी को पुरस्कार दिए जाएँगे और सभी प्रतिभागियों को फाउंडेशन की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा।
कार्यक्रम में अभिनेत्री डॉ. लाक्षा नायुडू ने कहा कि लव फॉर काऊ के संस्थापक जसमत पटेल गायों की रक्षा और संरक्षण के इस महान उद्देश्य के लिए समर्पित है। गायों की सेवा और उनके कल्याण के प्रति उनके निस्वार्थ प्रयासों ने अनेक लोगों को प्रेरित किया है कि वे पशुओं के प्रति करुणा और जिम्मेदारी का भाव विकसित कर रहे हैं।
स्वामीनारायण गुरुकुल के सुख वल्लभ स्वामी ने कहा कि जसमत पटेल अपने कार्यों के माध्यम से हमारी संस्कृति, पर्यावरण और दैनिक जीवन में गायों के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। स्वामीजी ने कहा कि केवल गायों को बचाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि सभी जीवों के प्रति दया, सेवा व सम्मान के मूल्यों को विकसित करना है।
स्कूल के प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार ने कहा कि अत्यंत सौभाग्य की बात है कि गौ सेवक हमारे बीच गुरुकुल में उपस्थित हैं। इनकी निष्ठा और सेवा हम सभी के लिए एक सच्ची प्रेरणा है। हम आपका हृदय से स्वागत करते हैं और आपके आशीर्वाद की कामना करते हैं। सभी को संबोधित करते हुए जसमत पटेल ने कहा कि हम सभी श्री स्वामीनारायण गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में गाय के प्रति प्रेम विषय पर आयोजित इस सुंदर व अर्थपूर्ण कार्यक्रम के लिए एकत्र हुए हैं।
प्राचीन काल से मानव जीवन में गाय का विशेष महत्व
विषय का परिचय देते हुए उन्होंने कहा कि गाय केवल पशु नहीं है, उसे प्रेमपूर्वक गौमाता कहा जाता है, जिसका अर्थ है माँ, क्योंकि वह हमें निस्वार्थ भाव से पोषण प्रदान करती हैं। प्राचीन काल से लेकर आज तक, गाय मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। गौमाता से हमारा सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंध है। श्री स्वामीनारायण गुरुकुल में हमें केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि मूल्य भी सिखाए जाते हैं गायें पूरे विश्व की माताएँ हैं, जिसका वैज्ञानिक व व्यावहारिक महत्व है।
गाय वास्तव में मानवता के लिए वरदान है, जो दूध से हमारे शरीर का पोषण करती है, जिसका गोबर प्राकृतिक उर्वरक के रूप में भूमि को समृद्ध और उपजाऊ बनाता है। गाय से प्राप्त उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं।
अवसर पर ट्रस्टी रिद्धिश जागीरदार ने कहा कि आज के समय में, जब सतत विकास महत्वपूर्ण है, गाय हमें संतुलित और प्राकृतिक जीवन की ओर मार्गदर्शन करती है। गुरुकुल के विद्यार्थियों के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम दया का अभ्यास करें, प्रकृति का सम्मान करें, और कृतज्ञता के साथ जीवन जिएँ।
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अवसर पर तरुण मेहता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में गुरुकुल के राजीव ने आभार व्यक्त करते हुए सभी से पशुओं का सम्मान और संरक्षण करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से स्वामी नारायण गुरुकुल के साधु सुखवल्लभदास, साधु नित्यदास स्वामी, मोईनाबाद के पूर्व सरपंच एवं जेडपीटीसी चेयरमैन अनंत रेड्डी, समाज सेविका दक्षा पटेल, पटेल ग्रुप के निदेशक रामकृष्ण पटेल, पूजा पटेल आदि ने भाग लिया।
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