Jannah Theme License is not validated, Go to the theme options page to validate the license, You need a single license for each domain name.

अब की जैसी प्रतिस्पर्धा पहले कभी न थी

जॉब मार्केट पर लिंक्डइन की ताजा रिपोर्ट स्किल्स ऑन द राइज 2025 को देखें तो पता चलता है कि जॉब मार्केट में अब के जैसी प्रतिस्पर्धा पहले कभी न थी। इस रिपोर्ट के मुताब़िक नियोक्ता आज के तेजी से बदलते व्यावसायिक परिदृश्य को नेविगेट करने के लिए अपने एम्प्लॉयी में तकनीकी विशेषज्ञता और सॉफ्ट स्किल के मिश्रण की तलाश करते हैं।

वास्तव में डिजिटल परिवर्तन, एआई उन्नति और मानव-केंद्रित कौशल की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण पूरी दुनिया के जॉब मार्केट की हालत बहुत टाईट हो गयी है। इस कारण जॉब मार्केट बहुत तेजी से नए रूप-रंग में ढल रहा है। वैसे भी जैसे-जैसे उद्योग नई चुनौतियों के अनुकूल ढलते हैं, पेशेवरों को प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए उभरते कौशल रुझानों के साथ तालमेल बिठाना ज़रूरी हो जाता है।

जब आया था कंप्यूटर

कई दशकों पहले भारत में जब कम्प्यूटर आया था, तो वर्षों तक करीब-करीब हर क्षेत्र में तमाम पुराने कर्मचारियों ने अपनी ज़िद के चलते कंप्यूटर से छत्तीस का आंकड़ा बनाकर रखा था। बैंकों, अख़बार के दफ्तरों आदि में कंप्यूटर न सीखने की ज़िद में अड़े अनेक कर्मचारियों ने सालों मनमानी की थी। लेकिन कंप्यूटर ने पारंपरिक कर्मचारियों को जो एडजस्ट होने या अपनी ज़िद में कॅरियर पूरा कर लेने की जो छूट दी थी, वह छूट आज की डिजिटल टेक्नोलोजी और एआई कुशलता नहीं देती।

अगर आप इन तकनीकों से तालमेल नहीं बिठा पाते यानी इन्हें नहीं सीख पाए, तो आपको एक दिन की भी जॉब मार्केट में मोहलत नहीं मिलती, आपको यहां से बोरिया-बिस्तर बांधकर दफा होना ही पड़ेगा। अगर प्रतिस्पर्धा और परेशानी को इन कसौटियों में कसकर देखें तो साल 2025 में जैसी जॉब प्रतिस्पर्धा है, वैसी अब के पहले कभी नहीं थी। इसके पीछे कई वजहें हैं, जैसे- टेक्नोलॉजी, जनसंख्या वृद्धि और बदलते वर्क ट्रेंड्स।

यह भी पढ़ें…उच्च रक्तचाप से रहें बच कर

एआई और रोबोटिक्स

आज जॉब मार्केट में एआई और रोबोटिक्स ने कई जॉब्स को रिप्लेस कर दिया है। खासकर डेटा एंट्री, मैन्यूफैक्चरिंग, कस्टमर सर्विस जैसे फील्ड में। कंपनियां कम से कम लोगों से ज्यादा से ज्यादा काम करवाने के लिए ऑटोमेशन को अपना रही हैं। जबकि भारत में हर साल लाखों स्टूडेंट्स ग्रेजुएट हो रहे हैं, लेकिन जॉब ग्रोथ उसी गति से नहीं बढ़ रही। चूंकि सरकारी नौकरियों की संख्या सीमित हो गयी है और दिनोदिन और घट रही हैं। इसलिए प्राइवेट सेक्टर में ज्यादा प्रतिस्पर्धा हो रही है।

रिमोट वर्क और गिग जॉब्स का बढ़ता प्रभाव

वर्क-फ्रॉम-एनीवेयर कल्चर

एक ज़माना था, जब जहां आप काम करते हैं, वहीं रहना होता था। लेकिन आज हाई एंड कम्यूनिकेशन तकनीक के कारण दर्जनों क्षेत्रों के काम दुनिया में कहीं भी बैठे हुए कर सकते हैं। वर्क-फ्रॉम-होम और रिमोट वर्क कल्चर की वजह से यूरोप और अमेरिका की हज़ारों कंपनियां आज भारत में रह रहे कर्मचारियों से काम करा रही हैं।

यह एनीवेयर कल्चर ही है, जिसकी वजह से आज भारत के सस्ते श्रमिक दुनियाभर के कामगारों के लिए ज़बर्दस्त प्रतिस्पर्धा पेश कर रहे हैं। लेकिन यह एकतऱफा नहीं है। आज अगर भारतीय दुनियाभर से जॉब उठा रहे हैं, तो भारतीय जॉब मार्केट में भी हज़ारों विदेशी फ्रीलांस एक्सपर्ट्स के तौरपर काम करके भारतीय टैलेंट को चुनौती दे रहे हैं।

यह भी पढ़ें…गोली सोडा बना भारत का नया ग्लोबल ब्रांड

मज़बूत होता गिग कल्चर

आज कंपनियां फुल-टाइम जॉब की बजाय, कॉन्ट्रैक्ट और फ्रीलांसर्स को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका मतलब है कि स्थायी नौकरियां कम और अस्थायी नौकरियां ज्यादा हो रही हैं। दरअसल, सभी इंडस्ट्रीज में जिस स्तर की न्यू टेक्नोलोजी की डिमांड है, उसके कारण टेक्नो एक्सपर्ट लोगों की डिमांड बहुत ज्यादा है, जिससे कहीं स्थायी नौकरी करने की बजाय वो फ्रीलांस वर्क को वरीयता देते हैं।

यह भी स्थिति बनी है कि हाल के सालों में बड़ी तेजी से पुरानी स्किल्स अप्रासंगिक हो गयी हैं और नई टेक्नोलॉजी पर पकड़ न रखने वालों के लिए नौकरियां दिन पर दिन बहुत कम हो रही हैं। आज करीब-करीब सभी कंपनियों को डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स जैसी नई स्किल्स वाले लोग चाहिए।
इस स्थिति से कैसे निपटें?

करियर में सफल होने की कुंजी: नई स्किल्स सीखें

हाई-डिमांड स्किल्स सीखें

टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनें। डेटा साइंस, आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी स्किल्स सीखना आज बहुत ज़रूरी है। इसके साथ ही डिजिटल मार्केटिंग, एसईओ, ग्राफिक डिजाइनिंग, यूआई/वीएक्स जैसी स्किल्स फ्रीलांसिंग में भी मदद कर रही है। हेल्थकेयर, बायोटेक और ग्रीन एनर्जी में कॅरियर बनाएं, जहां नौकरियों की मांग बनी हुई है।

मल्टी-स्किल्ड बनें

आज दुनिया में जो शख्स सिर्फ एक ही स्किल जानता है उसके सामने असुरक्षा की तलवार लटकती रहती है। इसलिए कॅरियर के नजरिये से सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं तो मल्टी-स्किल्ड बनें। लगातार अपने को अपग्रेड बनाने के लिए कोर्स और सर्टिफिकेशन करें, ताकि आपकी वैल्यू मार्केट में बनी रहे। अगर संभव हो तो इंटरनैशनल लेवल की कोई स्किल्स डेवलप करें, जिससे आप ग्लोबल जॉब मार्केट में भी अप्लाई कर सकें। इस तरह देखें तो साल 2025 में जॉब मार्केट पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। लेकिन अगर सही स्किल्स और अप्रोच अपनाई जाए, तो नौकरी पाना मुश्किल नहीं है। टेक्नोलॉजी, नेटवर्किंग और अपस्किलिंग पर ध्यान देकर आप इस प्रतिस्पर्धा से निपट सकते हैं और अपने कॅरियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

नरेंद्र कुमार

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button