राज्य के किसानों को मिले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ : पायल शंकर
हैदराबाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल के उपनेता पायल शंकर ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार से किसानों की ओर मानवता के दृष्टिकोण से विचार करते हुए उनके सभी कर्ज माफ करने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को राज्य में लागू करने की माँग की।
भाजपा मुख्यालय श्यामाप्रसाद मुखर्जी भवन में मीडिया से बात करते हुए भाजपा विधायक दल के उपनेता पायल शंकर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में फसल का 30 प्रतिशत भी उत्पादन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज की किश्त जमा करने की स्थिति में नहीं है। एक ओर प्रकृति सहयोग नहीं कर रही है तो दूसरी ओर राज्य सरकार से कोई मदद नहीं मिल पा रही है जिसके चलते किसान खेती करने से डरने लगा है, हालत काफी दयनीय है। उन्होंने कहा कि किसान काफी दीनावस्था में है। इन सभी परिस्थितियों में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो चुका है। इसलिए समस्या और जटिल होने से पहले ही मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी बैंकों से चर्चा करके किसानों के सारे कर्ज माफ करने की घोषणा करके किसानों में विश्वास जगाए।
पायल शंकर ने कहा कि राज्य सरकार से किसानों को फसल बीमा का लाभ देने की मांग को लेकर भाजपा आदिलाबाद जिले से शनिवार, 7 मार्च को किसानों के पास जाकर आवेदन प्राप्त करेगी जो तेलंगाना के सभी संयुक्त 10 जिलों में आगामी रविवार 15 मार्च तक जारी रहेगा। इसके तहत 10 लाख आवेदन स्वीकारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि सोमवार, 16 मार्च से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में यह सभी 10 लाख आवेदन मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को सौंपे जाएंगे तथा किसानों की समस्या पर विधानसभा में चर्चा कराने का दबाव भाजपा बनाएगी।
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3 हजार करोड़ आवंटन खर्च न करने पर सरकार पर आरोप
पायल शंकर ने सभी किसानों से भाजपा के सभी जिला कार्यालयों में आवेदन जमा करने या भाजपा कार्यकर्ताओं को आवेदन सौंपने का आह्वान किया। साथ ही चिंता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होने का राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था, वहीं किसानों की ओर से प्रिमियम भी राज्य सरकार द्वारा वहन करने का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2023-24 के बजट में सरकार से बीमा योजना में शामिल होने की मांग की थी तब सरकार ने बजट में 3 हजार करोड़ रुपये आवंटित भी किए थे लेकिन 3 हजार करोड़ रुपये में से 3 रुपये तक सरकार ने खर्च नहीं किए और किसानों के साथ छल किया।
पायल शंकर ने कहा कि यदि सरकार फसल बीमा योजना अमल करती तो प्राकृतिक आपदा में नुकसान भोगने वाले किसानों को बीमा कंपनी से ही हजारों करोड़ रुपये मुआवजा मिलता था। पायल शंकर ने सरकार से वर्ष 2026-27 के बजट में पर्याप्त निधियां आवंटित करने तथा किसान पर भार न लादते हुए बीमा प्रिमियम के तौर पर किसान का हिस्सा भी सरकार द्वारा ही वहन करने की मांग की।
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