ऋषभ अग्रवाल की हत्या के मामले में 5 आरोपी गिरफ्तार
हैदराबाद, गोलकोंडा ज़ोन की मंगलहाट पुलिस ने ऋषभ अग्रवाल उर्फ सन्नी अग्रवाल की हत्या की गुत्थी को सुलझाकर 8 हत्यारों में से पाँच हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि 25 फरवरी को ऋषभ अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी और उसका शव धूलपेट के आरामघर के निकट गणेश मूर्तियाँ बनाने के पंडाल के पास से बरामद किया गया था।
गोलकोंडा ज़ोन के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त बी. कृष्णा गौड़, कुलसुमपुरा डिवीजन के एसीपी सुदर्शन रेड्डी और मंगलहाट इंस्पेक्टर एस. राघवेंद्रा ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाँच हत्यारों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मामले में रियल इस्टेट व्यापारी व फायनांसर जुमेरात बाजार, लोअर धूलपेट निवासी मुन्ना सिंह (31), ठकेरवाड़ी, मंगलहाट निवासी निजी कर्मी लड्डू सिंह उर्फ लड्डू (30), बंजारी दरवाजा, टोलीचौकी निवासी इंश्यूरेंस एजेंट मद्दूर प्रणय कुमार (30), टोलीचौकी निवासी निजीकर्मी तिप्पानी उदय कुमार उर्फ उदय (20) और आदित्या नगर, टोलीचौकी निवासी पेशे से मजदूर कुशंगल ओमप्रकाश (20) को गिरफ्तार किया गया।
मुन्ना सिंह पर पहले भी रियल एस्टेट और मनीलेंडिंग मामले दर्ज
तीन हत्यारे अमिनेश सिंह उर्फ अमरेश, कुणाल सिंह और मामू फरार हैं। आरोपियों के पास से तीन सेलफोन और दो एक्टिवा मोटरसाइकिलें जब्त की गई। उन्होंने बताया कि मुन्ना सिंह के खिलाफ पिछले वर्ष मंगलहाट पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 308(3) और टीएस मनीलेंडर्स एक्ट की धारा 3, 10, 13 के तहत मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि मुन्ना सिंह रियल इस्टेट और फायनांस का व्यापार करते हुए मंगलहाट और धूलपेट के आस-पास क्षेत्रों में अपनी अच्छी पहचान बना रखी थी। घटना से 5 दिन पूर्व लड्डू सिंह ने मुन्ना सिंह से ऋषभ अग्रवाल का परिचय करवाया।
ऋषभ अग्रवाल ने बताया कि उप्पल थाना परिधि के अंतर्गत वह एनडीपीएस मामले में चेर्लापल्ली जेल गया था और हाल ही में वह जमानत पर जेल से रिहा होकर आया। चेर्लापल्ली जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात मुन्ना सिंह के दादा रवि सिंह के विरोधी गिरोह के सदस्य से हुई। इस जानकारी के बाद मुन्ना सिंह को ऋषभ पर संदेह हो गया। उसने उससे और जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन ऋषभ को जो जानकारी थी, उसने मुन्ना सिंह को दे दी। कुछ दिन बाद मुन्ना सिंह ने लड्डू के जरिए ऋषभ को बुलाया और उसे अपने घर के निकट एक शेड में ले गया।
मुन्ना सिंह और अन्य ने ऋषभ को बेरहमी से पीटा और जानलेवा हमला किया
जहाँ पर मुन्ना सिंह, अमनिश, कुणाल सिंह और मामू ने उसके साथ मारपीट कर और जानकारी हासिल करने का प्रयास किया। इस मारपीट में घायल ऋषभ को ऑटो के जरिए आरामघर के निकट गणेश मूर्तियाँ बनाने के ढेरे में ले जाया गया, जहाँ पर मुन्ना सिंह के साथ प्रणय, उदय किरण और ओमप्रकाश ने मिलकर जानकारी हासिल करने के लिए फिर से ऋषभ की बुरी तरह से पिटाई कर दी। हाथों और लातों से मारने के अलावा कोई भारी वजनदार वस्तु से ऋषभ को मारा गया।
इस मारपीट में सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में अंदरूनी चोट लगने के कारण ऋषभ की मौत हो गई। इसके बाद ऋषभ के शव को वहीं पास में ही फेंककर हत्यारे फरार हो गए। प्राप्त शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर एस. राघवेंद्रा ने घटनास्थल पर लगे सीसी टीवी कैमरों की फुटेज की छानबीन करने के बाद तकनीकी रूप से जाँच-पड़ताल कर पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। शेष फरार आरोपियों की तलाश की जा ही है।
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