गुरु के मार्गदर्शन में चलने से होगा भवसागर पार : जयश्रीजी
हैदराबाद, गुरु कारीगर व कुम्भकार की तरह होते हैं। जिस प्रकार से कुम्भकार मिट्टी के बर्तन बनाते समय उसके टेढ़ेपन को अपने हाथों से तराश कर सही कर देता है, उसी प्रकार साधु संत उनके सानिध्य में रहने वाले श्रावक को सही दिशा दिखाकर धर्म मार्ग पर चलाते हैं। यदि गुरु के मार्ग दर्शन में चलें अर्थात गुरु के पीछे चलें, तो संसार के इस भव सागर से तिर सकते हैं।
उक्त उद्गार श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ग्रेटर हैदराबाद के तत्वावधान में काचीगुड़ा स्थित श्री पूनमचंद गांधी जैन स्थानक में चातुर्मासिक धर्म सभा को संबोधित करते हुए श्रमण संघीय राजस्थान वीरांगना साध्वी जयश्रीजी म.सा आदि ठाणा-3 ने व्यक्त किये।
संघ के मंत्री धर्मेंद्र नाहर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साध्वी जयश्रीजी म.सा ने आचार्य चतुर्थ पट्टधर डॉ. शिवमुनिजी म.सा के 84वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में उनके तप व त्याग तथा जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लगभग 40 वर्ष से वर्षी तप की आराधना में गुरुवर संलग्न हैं। साध्वी राजश्री म.सा ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु के सानिध्य में जीवन सुवासित होता है।
मन के मैल धुलने लगते हैं, क्योंकि गुरु भगवंतों के पास संसार की कथा नहीं, बल्कि आत्मा की व्यथा होती है। सच्चा गुरु वही होता है जो स्वयं वीतराग भगवंतों के पद चिह्नों पर चलकर दूसरों को सुगमता की राह दिखाता है। साध्वी समीक्षाश्रीजी म.सा ने श्रद्धा भाव व्यक्त करते हुए गुरु की महिमा का बखान स्तवन के माध्यम से रखा। धर्म सभा का संचालन करते हुए लता पितलिया ने संघ व चातुर्मास की गतिविधियों का विवरण दिया।
नवकार महामंत्र के लाभार्थी परिवार नवरतनमल विजेश कुमार शैलेश कुमार कोचेटा बशीरबाग हैं। गुरुवर के जन्मोत्सव के अवसर पर संघ की ओर से आचार्य जी के दीर्घायु शतायु की मंगल कामना और शुभकामना अर्पित करते हुए वंदन नमन किया गया।
चंद्रकला बाल तप आराधना व आगामी जैन शिविर आयोजन
साध्वी जयश्री म.सा के सानिध्य में बच्चों के लिए 16 दिवसीय चंद्रकला बाल तप की आराधना प्रारम्भ हुई, जिसमें ऋषभ सिंघवी, विवान सिंघवी, निष्ठा गुगलिया, श्रेयांश कामदार, लेहर सिघंवी, सिवान सांखला, रिद्धि गुगलिया, आदर्श परमार, संभव गुगलिया, गौरवी गुंदेचा, अनशा कोठारी, वीर आंचलिया, निशिता गुगलिया, खुशी सोनावत, प्राची आंचलिया, हर्षिता सिंघवी, जीनल सिंघवी, पहल कोठारी, मायरा कोठारी, युविका बोहरा, हार्दिक बोहरा, घृति सिंघवी, विहा तातेड़, रिद्धि तातेड़, रियांश जैन, मायरा जैन, दृति अरिवंदनी सिंघवी, नैना बागरेचा, चिराग बरमेचा, वैभव बरमेचा, लविश गांधी, देशना लोढ़ा, विधि कातरेला व अन्य ने भाग लिया।
पंच दिवसीय कार्यक्रम के तहत आज ध्यान दिवस व आचार्य गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया। इसमें 17 से 19 सितंबर तक लक्की ड्रॉ के लाभार्थी परिवार साध्वी जयश्री म.सा के मासी परिवार रामेश्वरलाल मनोज कुमार मारू चित्तौड़गढ़ हैं। एकासना का लाभ काचीगुड़ा श्री संघ और एकासने की प्रभावना का लाभ श्री जैन दिवाकर संघ ने लिया है। 20 व 21 सितंबर के लक्की ड्रॉ के लाभार्थी सोहनलाल अशोक कुमार ध्रुव तातेड़ मरूधर केमिकल्स सिकंदराबाद हैं।
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आगामी 22 से 27 सितंबर तक 43वें जैन धार्मिक शिक्षण संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए 21 सितंबर तक पंजीकरण करवाने वाले बच्चों को पुरस्कार दिये जायेंगे। शिविर का आयोजन संघ व श्री जैन स्वध्यायी संघ काचीगुड़ा हैदराबाद के तत्वावधान में किया जाएगा। तेरापंथ युवक परिषद द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन काचीगुड़ा स्थानक में भी किया गया।
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