एफटीसीसीआई में ‘शी राइज–गिव टू गेन’ कार्यक्रम, महिला नेतृत्व पर चर्चा
हैदराबाद, फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफटीसीसीआई) द्वारा शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में शीराइज-गिव टू गेन शीर्षक से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रेडहिल्स स्थित फेडरेशन हाउस में एफटीसीसीआई महिला विंग समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों के साथ नेतृत्व, उद्यमिता तथा समावेशी विकास आदि में उनकी भूमिका पर चर्चा करना था। अवसर पर कुछ महिलाओं की दृढ़ता और लगन की प्रेरणादायक कहानियों को साझा किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ग्रैन्यूल्स इंडिया लिमिटेड की कार्यकारी निदेशक उमा चिगुरुपति थीं।
यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एफटीसीसीआई महिला विंग समिति की अध्यक्ष डॉ. तसनीम शरीफ ने आर्थिक विकास में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन के अनुसार, यदि महिलाएँ पुरुषों के समान स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में भाग लेती हैं, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था लगभग 26 प्रतिशत तेजी से बढ़ सकती है।
कार्यक्रम में महिला उद्यमियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक अर्पिता रॉय, कोह! फूड्स की संस्थापक व सीईओ कीर्ति प्रिया ओडापल्ली तथा उद्यमी हरिका वर्मा सहित अन्य ने अपने अनुभवों को साझा किया। अर्पिता रॉय ने अवसर पर साहस और अदम्य इच्छाशक्ति की अपनी कहानी साझा करते हुए कहा कि उनके और मेरे पैर नहीं हैं, लेकिन वे किसी सीमा में सीमित नहीं है। जीवन साहस के साथ आगे बढ़ने का नाम है। विकलांगता अक्षमता नहीं है।
अगर आपका मन मजबूत है, तो आपका शरीर भी साथ देगा। उन्होंने कहा कि कोई बाधा हमारे सपनों से बड़ी नहीं होती। अपनी भावनात्मक यात्रा साझा करते हुए अर्पिता ने कहा कि शुरुआत में उन्हें अपने पैर खोने का उतना गहरा असर महसूस नहीं हुआ, जितना कि समाज के दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति उदासीन रवैये का अनुभव करने पर हुआ। कीर्ति प्रिया ओडापल्ली के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि तेलंगाना के ग्रामीण इलाके के एक छोटे से गाँव से ताल्लुक रखने वाली कीर्ति ने बीआईटीएस पिलानी से बी.फार्म की उपाधि प्राप्त की और बाद में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कलकत्ता से एमबीए किया।
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स्टैंड अप इंडिया से मिली वित्तीय सहायता से फैक्ट्री स्थापित
स्टैंड अप इंडिया योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता और स्टार्टअप इंडिया के तहत 50 लाख रुपये के डिबेंचर की मदद से उन्होंने 6,000 वर्ग फुट की विनिर्माण सुविधा स्थापित की। तेलंगाना स्थित कोह! फूड्स विभिन्न प्रकार की ताजी सब्जियाँ खरीदता है और उन्हें विद्युत निर्जलीकरण तकनीक का उपयोग करके पाउडर में परिवर्तित करता है। कीर्ति प्रिया अब कॉर्पोरेट जगत की नौकरी छोड़कर अपनी माँ के साथ शत-प्रतिशत अवशेष-मुक्त उत्पादों पर केंद्रित ब्रांड बनाने के लिए काम कर रही हैं। उनका लक्ष्य 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक का राजस्व हासिल करना है।
उमा चिगुरुपति ने कहा कि तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास के बावजूद महिलाओं को आज भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस मनाना जरूरी है, क्योंकि महिलाओं की ताकत और योगदान को पहचानना आवश्यक है। समान अवसर मिलने पर महिलाएँ कई क्षेत्रों में पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि परिवार में स्वस्थ महिला का मतलब स्वस्थ परिवार है। इसलिए हर किसी को फिटनेस को प्राथमिकता देनी चाहिए तथा सक्रिय जीवनशैली अपनानी चाहिए।
अवसर पर दि डिप्लोमैटिक क्लब की सह-संस्थापक डॉ. तसनीम शरीफ द्वारा संचालित पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें रशीदा अदेनवाला (टीआईई हैदराबाद), विनीता सुराणा (सुराणा ग्रुप), बॉबी अजमीरा (तेलंगाना की पहली आदिवासी महिला पायलट), शीतल मोंडकर (संस्थापक, असविरा कंसल्टिंग) तथा राधिका युवराज (कंट्री डायरेक्टर वूमेन इन टेक इंडिया) सहित अन्य वक्ताओं ने भाग लिया। अवसर पर एफटीसीसीआई के अध्यक्ष आर. रवि कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष के.के. माहेश्वरी और एफटीसीसीआई के उपाध्यक्ष श्रीनिवास गरिमेला ने अपने विचार रखे।
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