कोत्ता चेरुवु में जीईएफ इंडिया का वन महोत्सव आयोजित

हैदराबाद, फ्रीडम हेल्दी कुकिंग ऑयल्सनिर्माताजेमिनी एडिबल एंड फैट्स इंडिया लिमिटेड (जीईएफ इंडिया) द्वारा आज हम्डा, तेलंगाना सोशल इम्पैक्ट ग्रुप तथा अपनी सीएसआर पहल के तहत गैर लाभकारी संगठन ध्रुवांश के साथ कोकापेट स्थित कोत्ता चेरुवु स्थल पर वन महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरितिमा तथा पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए झील के चारों ओर औषधीय पौधे लगाए गए।

कोत्ता चेरुवु स्थल पर आयोजित वन महोत्सव का उद्घाटन राजेंद्रनगर विधायक टी. प्रकाश गौड़ ने किया। अवसर पर नारसिंगी नगर पालिका आयुक्त टी. कृष्ण मोहन रेड्डी, टीएसआईजी की निदेशक अर्चना सुरेश, झील संरक्षण प्रकोष्ठ के कृष्ण राव, जीईएफ इंडिया के समूह उपाध्यक्ष अक्षय चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) पी. चंद्रशेखर रेड्डी, ध्रुवांश संगठन की मधुलिका चौधरी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

अवसर पर टी. प्रकाश गौड़ ने कहा कि पता चला है कि जीर्णोद्धार कार्य शुरू होने के बाद कोत्ता चेरुवु के पानी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्थानीय वनस्पति और जीव-जंतु पुनर्जीवित हो रहे हैं और पर्यावरण में भी समग्र सुधार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि ये उत्साहजनक संकेत पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरोद्धार करने में जीईएफ इंडिया तथा उसके सहयोगियों की परियोजना की सफलता को दर्शाते हुए सतत संरक्षण के प्रति समुदाय की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

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कोत्ता चेरुवु जीर्णोद्धार में प्रगति और सामुदायिक योगदान

टी. कृष्ण मोहन रेड्डी ने कोत्ता चेरुवु के जीर्णोद्धार और कायाकल्प के पहले चरण के कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित करने में जीईएफ इंडिया और ध्रुवांश के योगदान की सराहना की। उन्होंने आस-पास के लोगों से भी आग्रह किया कि वे झील के जीर्णोद्धार के बाद उसे प्रदूषण से बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने में अपना योगदान दें।

अक्षय चौधरी ने कहा कि हमारा लक्ष्य समुदायों का समर्थन करना और उनके जीवन को बेहतर बनाना भी है। हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए झील जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों के जीर्णोद्धार और पुनरुद्धार तथा राज्य के सतत विकास को प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की पहल से जुड़कर खुशी हो रही है। पी. चंद्रशेखर रेड्डी ने कहा कि जीईएफ इंडिया अपनी चल रही सीएसआर पहलों के माध्यम से स्थिरता और सामुदायिक कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कोत्ता चेरुवु के जीर्णोद्धार और पुनरुद्धार से आने वाली पीढ़ियों के लिए जैव-विविधता और सतत पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में मदद मिलेगी। भविष्य में भी जीईएफ इंडिया पर्यावरण को पोषित करने वाली और समाज को लाभ पहुंचाने वाली प्रभावशाली परियोजनाओं का विकास और समर्थन जारी रखेगा।

अवसर पर पिछले छह महीनों में कोकापेट स्थित कोत्ता चेरुवु के जीर्णोद्धार कार्य में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। जीर्णोद्धार परियोजना का मुख्य उद्देश्य नवीनतम टिकाऊ और लागत प्रभावी तकनीक का उपयोग करके झील की सफाई, पानी की गुणवत्ता में सुधार और स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण करना था।

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