शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन लाना सरकार का लक्ष्य : भट्टी विक्रमार्का
हैदराबाद, उप मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने विधानसभा में वार्षिक बजट पेश करते हुए शिक्षा के लिए 26,674 करोड़ रुपये की धनराशि के आवंटन का प्रस्ताव रखा। मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने शिक्षा के लिए बजट पेश करते हुए कहा कि किसी भी समाज या राष्ट्र का भविष्य शिक्षा के माध्यम से निर्मित होता है। इस परिप्रेक्ष्य में सरकार शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने की दिशा में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न कदम उठा रही है।
संबंधित पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण और कौशल-उन्मुख शिक्षा प्रदान करने के संकल्प के साथ सरकार ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूलों को स्वीकृत करने का निर्णय लिया है। इसके तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस 105 यंग इंडिया एकीकृत आवासीय विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है, ताकि तेलंगाना के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा अन्य अर्ह छात्र एक ही स्थान पर एक परिवार के सदस्यों की तरह अध्ययन कर सकें। 79 विद्यालयों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, 44 स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
यंग इंडिया स्कूलों के लिए 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन
इसके लिए बजट में 5,000 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 93 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) को यंग इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस घोषित किया गया। 120 केजीबीवी को इंटरमीडिएट स्तर तक उन्नत किया गया। भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 33 जिलों में प्रायोगिक परियोजना के रूप में 1,362 पूर्व-प्राथमिक अनुभाग शुरू किए।
आगामी शैक्षणिक वर्ष में इस कार्यक्रम को 2,000 से 2,500 सरकारी विद्यालयों तक विस्तारित करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना पब्लिक स्कूल के रूप में सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित परिसरों में बदलने का प्रस्ताव रखा है। इनमें चयनित मौजूदा बुनियादी ढाँचे का विकास, प्रशिक्षित शिक्षक, डिजिटल सुविधाएँ तथा समर्पित परिवहन प्रणाली शामिल होगी। इनमें पूर्व-प्राथमिक से लेकर कक्षा 12 तक 1,500 विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जाएगी। तेलंगाना पब्लिक स्कूल हेतु 500 करोड़ रुपये धन राशि प्रस्तावित है।
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रसोई आधुनिकीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित
भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि राज्य के कई छात्रावासों और आवासीय शिक्षण संस्थानों की रसोई में स्वच्छता की कमी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए रसोई प्रबंधन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने और उनका आधुनिकीकरण करने के लिए हमारी सरकार ने ठोस निर्णय लिया है। इस बजट में छात्रावासों और आवासीय शिक्षण संस्थानों की रसोई के आधुनिकीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। सरकार विद्यार्थियों और उनके सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शारीरिक अक्षमता किसी भी तरह से दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रगति में बाधा न बने, इसके लिए माध्यमिक शिक्षा प्राप्त कर रहे दिव्यांग छात्रों को संशोधित मोटर चालित वाहन वितरित करने का प्रस्ताव है।
ब्लू-कॉलर रोजगार के लिए मॉडल बने तेलंगाना
भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक ले जाने के लिए और हमें बड़ी संख्या में कुशल मानव संसाधनों की आवश्यकता होगी। इसके अलावा आज के प्रतिस्पर्धी युग में उद्योग द्वारा अपेक्षित कौशल वाले मानव संसाधनों की कमी है। इस अंतर को पाटने के लिए सरकार ने यंग इंडिया स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना की है, जिसे शिक्षा विभाग के अधीन लाया जा रहा है। कौशल से संबंधित सभी संस्थानों को एक छत के नीचे लाने हेतु हम उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्रों, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और टॉमकॉम को कौशल विश्वविद्यालय के दायरे में लाएँगे। हमारा लक्ष्य है कि तेलंगाना न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर कौशल आधारित ब्लू-कॉलर रोजगार के अवसरों के लिए आवश्यक मानव संसाधन की आपूर्ति के मामले में मॉडल के रूप में स्थापित हो।
सरकारी जूनियर कॉलेजों में भी दोपहर के भोजन की योजना
भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि तेलंगाना राज्य की सफलता उसके विद्यार्थियों की सफलता में निहित है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सरकार इस बजट में विद्यार्थियों के पोषण में सुधार लाने के लिए दो नई योजनाएँ शुरू कर रही है। इनके तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से सरकार ने राज्य भर में पूर्व-प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण पोषण युक्त नाश्ता योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस नाश्ता कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विद्यार्थी को सप्ताह में तीन दिन दूध और शेष तीन दिन रागी का दलिया दिया जाएगा। यह ऐतिहासिक पहल पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाएगी, उपस्थिति और समय की पाबंदी बढ़ेगी तथा स्कूल छोड़ने और अनुपस्थिति को भी कम करने वाला क्रांतिकारी सुधार है। इसके लिए 720 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। एक और महत्वपूर्ण सुधार के तहत सरकारी जूनियर कॉलेजों में इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन योजना का विस्तार किया जा रहा है।
ओयू के बुनियादी ढाँचे के विकास हेतु 1,000 करोड़
भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि हमारा उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र को उन्नत करना है। बजट में हम उस्मानिया विश्वविद्यालय के बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए 1,000 करोड़ रुपये और वीरनारी चकाली इलम्मा महिला विश्वविद्यालय के लिए 400 करोड़ रुपये प्रस्तावित करते हैं। शेष विश्वविद्यालयों के लिए आवश्यक धनराशि आवंटित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी डिग्री कॉलेजों की संख्या बढ़कर 149 हो गई है।
राज्य के 57 पॉलिटेक्निक कॉलेजों को उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्रों में परिवर्तित किया जा रहा है। युवाओं को भविष्य में रोजगार के अवसर प्रदान करने और उन्हें उद्यमी बनने में सक्षम करने हेतु पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इस शैक्षणिक वर्ष में 15 नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएँगे। सरकार ने राज्य के 65 सरकारी आईटीआई को आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्रों में परिवर्तित किया है। इसके अतिरिक्त 53 और केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। सरकार ने इन केंद्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं को 2,000 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति प्रदान करने का निर्णय लिया है।
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