ग्रेटर हैदराबाद में भवन निर्माण अनुमतियों से 1,172 करोड़ रुपये की कमाई

हैदराबाद, ग्रेटर हैदराबाद परिधि में क्योर नागरिक प्रशासन ने बीते वित्तीय वर्ष में भवन निर्माण एवं नये लेआउट को अनुमति प्रदान कर 1,172 करोड़ रुपये कमाये हैं। जीएचएमसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भवन निर्माण अनुमतियाँ, ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट और लेआउट अनुमतियाँ बिल्ड नाउ पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जा रही हैं। पोर्टल को मार्च 2025 में मुख्यमंत्री द्वारा आधिकारिक रूप से शुरू किया गया था।

आवेदनों को इंस्टेंट रजिस्ट्रेशन, इंस्टेंट अप्रूवल और सिंगल विंडो प्रणाली के तहत जाँच कर अनुमतियाँ प्रदान की गईं। वर्ष के दौरान कुल 15,536 निर्माण अनुमतियाँ जारी की गईं, जिनमें से 12,014 इंस्टेंट अप्रूवल, 2,515 सिंगल विंडो और 972 इंस्टेंट रजिस्ट्रेशन के अंतर्गत जारी हुईं। इसके अतिरिक्त 29 लेआउट अनुमतियाँ और और 2,427 ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जारी किए गए। इस तरह 17,957 आवेदनों से ग्रेटर हैदराबाद के तीनों निगमों ने 1,172.08 करोड़ रुपये की कमाई की।

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निगम अधिकारियों के अनुसार, निर्माण अनुमतियों और ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट के माध्यम से उक्त राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष के 1,138.44 करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है। निगमवार जानकारी में बताया गया है कि वर्तमान सीएमसी परिधि में 538.09 करोड़ रुपये, जीएचएमसी परिधि में 436.47 करोड़ रुपये और एमएमसी परिधि में 198.24 करोड़ रुपये की वसूली हुई। अधिकारियों को दावा है कि बिल्ड नाउ पोर्टल के माध्यम से अनुमतियों की प्रक्रिया में तेजी आई है और पारदर्शिता बढ़ी है।

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