जीएसटी दरों में संशोधन से पाँच हज़ार करोड़ का नुकसान : भट्टी विक्रमार्का

हैदराबाद, उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने कहा कि जीएसटी दरों में संशोधन से राज्य सरकार को प्रतिवर्ष 5 हज़ार करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा। हालांकि सरकार ने गरीब, मध्यम वर्ग और किसान परिवारों के लाभ के लिए जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने का नीतिगत निर्णय लिया है। उन्होंने आज डॉ. एमसीआरएचआरडी संस्थान में जीएसटी दरों में संशोधन के संदर्भ में व्यापारी समुदाय के साथ बैठक की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आम आदमी और मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए जीएसटी दरों में संशोधन के नीतिगत निर्णय में राज्य सरकार की प्रमुख भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में संशोधन एक ऐसा कार्य है, जिससे करोड़ों लोगों को लाभ होगा। संशोधित दरों से बड़ी संख्या में वस्तुएँ कम कीमतों पर उपलब्ध हो रही हैं और लोगों तक इस लाभ को पहुँचाना सरकार और व्यापारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी में सरल व्यवस्था लाने के लिए दिल्ली में लंबी चर्चा हुई।

जीएसटी दर संशोधन से व्यापार और निर्माण क्षेत्र को लाभ

उनका मानना है कि इस चर्चा के दौरान लिए गये निर्णय राज्य के लोगों के लिए उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि सरकार और व्यापारी मिलकर काम करेंगे तो ही प्रगति संभव है। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि सरकार चाहती है कि कार्य प्रणाली सरल और व्यवस्थित हो। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी दरों में संशोधन से वस्तुओं की कीमतों में आई कमी से संबंधित तथ्यों से लोगों को अवगत करवाने का आग्रह किया।

उप-मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकानों के सामने विस्तार से प्रदर्शित करें कि जीएसटी दरों के युक्तिकरण से पहले विभिन्न वस्तुओं की कीमतों में कैसे बदलाव आया है, ताकि आम लोग इसे समझ सकें। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में संशोधन से कृषि क्षेत्र के लिए आवश्यक उपकरणों और खाद्य उत्पादों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आएगी। सीमेंट का जीएसटी स्लैब 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

इसके परिणामस्वरूप सीमेंट की कीमतों में कमी आएगी। सीमेंट की कीमतों में कमी से निर्माण क्षेत्र में विकास के अपार अवसर पैदा होंगे। उन्होंने ईमानदार व्यापारियों से आग्रह किया कि वे उन व्यापारियों की जानकारी राज्य सरकार को उपलब्ध कराएं जो गलत रास्ते पर जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की किसी भी कठिनाई पर चर्चा के लिए राज्य सरकार के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे। इस बैठक में वित्त प्रदान सचिव संदीप कुमार सुल्तानिया, वाणिज्य कर प्रदान सीएचवी रिजवी, आयुक्त हरिता आदि ने भाग लिया। बैठक के दौरान बीमा, डेयरी, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि क्षेत्रों के व्यापारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

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