हरे कृष्णा आंदोलन का हेरिटेज फेस्ट संपन्न

हैदराबाद, हरे कृष्णा मूवमेंट, हैदराबाद (एचकेएम) का बंजारा हिल्स स्थित हरे कृष्णा स्वर्ण मंदिर में वार्षिक हेरिटेज और सांस्कृतिक समारोह हेरिटेज फेस्ट भव्यता से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अवसर पर विजेताओं को पुरस्कार दिये गये। हेरिटेज फेस्ट में नगर के 60 से अधिक स्कूलों के लगभग 12,000 छात्रों ने भाग लिया।

विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक और ज्ञान आधारित प्रतियोगिताओं में क्वालीफाई, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल राउंड में प्रतिस्पर्धा की। हरे कृष्णा स्वर्ण मंदिर में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में हैदराबाद जिलाधीश दासरी हरिचंदना और एककेएम हैदराबाद के अध्यक्ष एवं अक्षय पात्र फाउंडेशन (तेलंगाना और आंध्र प्रदेश) के अध्यक्ष सत्य गौरा चंद्र दास प्रभुजी ने भाग लिया।

हैदराबाद में सात स्थानों पर 12,000 छात्रों ने हेरिटेज फेस्ट में भाग लिया

सभा को संबोधित करते हुए दासरी हरिचंदना ने प्रतियोगिताओं में असाधारण प्रतिभा दिखाने वाले पुरस्कार विजेताओं की सराहना की। उन्होंने शिक्षकों और स्कूल मैनेजमेंट को ऐसी सांस्कृतिक पहलों का सक्रिय रूप से समर्थन और बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस प्रकार के संस्कार व मूल्य छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही नेतृत्व गुणों और टीम वर्क को बढ़ावा देते हैं।

कलेक्टर ने हरे कृष्णा मूवमेंट के प्रयासों की सराहना की, जो भारत की कालातीत विरासत, संस्कृति और मूल्यों, विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच, को संरक्षित कर बढ़ावा दे रहा है। सत्य गौरा चंद्र दास प्रभुजी ने कहा कि तेलंगाना के 60 से अधिक स्कूलों के लगभग 12,000 छात्रों ने हेरिटेज फेस्ट में भाग लिया, जो हैदराबाद में सात स्थानों पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि इस उत्सव ने बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने, नेतृत्व गुणों को विकसित करने और टीम वर्क का मूल्य सीखने का अवसर प्रदान किया।

170 से अधिक छात्रों को पुरस्कार

जीवन कौशलों के साथ छात्रों को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में निहित मजबूत नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों से अवगत कराया गया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हेरिटेज फेस्ट केवल प्रतियोगिताओं की एक श्रृंखला नहीं, बल्कि आज की तेज-तर्रार, प्रौद्योगिकी-संचालित दुनिया में सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सार्थक पहल है।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसके बाद बच्चों द्वारा वैदिक मंत्रों का पाठ किया गया।

इसके बाद पुरस्कार विजेता छात्रों ने शास्त्राय और लोक नृत्य, गायन संगीत, गीता श्लोक पाठ, वैदिक प्रश्नोत्तरी प्रस्तुतियों, चित्रकला, कहानी सुनाना, रंगोली, रंगीन पौराणिक वेशभूषा प्रदर्शन सहित कई जीवंत सांस्कृतिक प्रदर्शनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। शाम को आयोजित विशेष कार्यक्रम में सरकारी स्कूल के छात्रों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। 170 से अधिक छात्रों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। सबसे अधिक भागीदारी वाले स्कूलों को रोलिंग चैंपियंस ट्रॉफी प्रदान की गई।

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