भाग्यलक्ष्मी मंदिर के पास बतुकम्मा उत्सव के आयोजन को हाईकोर्ट ने दी अनुमति
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पुराने शहरे के भाग्यलक्ष्मी मंदिर के पास आगामी 23 सितंबर को बतुकम्मा का आयोजन करने की अनुमति दे दी। अनुमति के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ शर्तें भी लगाई। शर्तों के तहत बतुकम्मा में केवल महिलाएँ ही शामिल होगी और आपराधिक चरित्र वाले व्यक्तियों को इसमें शामिल न किया जाए। इसके साथ ही अति विशिष्ट व्यक्तियों को आमंत्रित न किया जाए और शाम 4 से 5.30 बजे के दौरान बतुकम्मा का आयोजन पूर्ण कर लिया जाए।
भाग्यलक्ष्मी मंदिर के पास बतुकम्मा के आयोजन को पुलिस द्वारा अनुमति न देने को चुनौती देते हुए भाजपा द्वारा दायर याचिका पर आज उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एन.वी. श्रवण कुमार ने सुनवाई की। अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने दलील देते हुए बताया कि मंदिर के पास बतुकम्मा का आयोजन करने पर शांति व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही घूमने-फिरने वाले पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
यचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने दलील देते हुए बताया कि गत अक्तूबर-2024 के दौरान इसी स्तर पर कुछ शर्तों के साथ बतुकम्मा के आयोजन की अनुमति दी गई थी। इस दौरान न्यायाधीश ने हस्तक्षेप कर कहा कि क्या पिछले वर्ष बतुकम्मा के आयोजन को लेकर कोई अवांछनीय घटना हुई, इसका जवाब देते हुए अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि आयोजन को लेकर किसी प्रकार की कोई घटना नहीं हुई।
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दलील सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने शर्तों के साथ बतुकम्मा के आयोजन को अनुमति दे दी। शर्तों के तहत कहा गया कि आयोजन के दौरान अन्य धर्म को लेकर टीका-टिप्पणी न की जाए, राजकीय भाषणबाजी न की जाए। साथ ही कहा कि शर्तों का उल्लंघन होने पर पुलिस को कार्रवाई करने का अधिकार भी दिया जा रहा है।
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