सतत विकास लक्ष्य की ओर पहल में हिंदुस्तान यूनिलीवर अव्वल
हैदराबाद, संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने वाली परपेचुअल हुरुन इंडिया इंपैक्ट 50 कंपनियों की सूची में हिंदुस्तान यूनिलीवर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस सूची में जहाँ मुंबई, पुणे और अहमदाबाद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं हैदराबाद की केवल एक कंपनी रेड्डी लैबोरेट्रीज टॉप 20 में जगह पाने में सफल रही है।
हैदराबाद में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में परपेचुअल हुरुन इंडिया इंपैक्ट 50 की सूची जारी करते हुए परपेचुअल कैपिटल की पार्टनर अन्विता प्रशांत, प्रणव प्रशांत एवं हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने सूची जारी की। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने वाली 50 कंपनियों को इस सूची में शामिल किया गया है। यह मूल्यांकन दिसंबर 2025 तक उपलब्ध कंपनियों के नवीनतम प्रकटीकरण के आधार पर किया गया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर सूची में पहले स्थान पर है, जिसने जलवायु, जल संरक्षण, सर्कुलर अर्थव्यवस्था, लैंगिक समानता और जैव विविधता जैसे क्षेत्रों में संतुलित प्रदर्शन किया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज दूसरे स्थान पर है, जिसने परिचालन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी और ऊर्जा-कुशल डिजिटल समाधानों के विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति की।
पांच बड़ी कंपनियां 2030 तक कार्बन न्यूट्रल बनने का लक्ष्य
मुंबई शहर 26 कंपनियों के साथ सूची में सबसे आगे रहा, जो पुणे और अहमदाबाद से काफी आगे है, जिससे भारत की सस्टेनेबिलिटी कैपिटल के रूप में मुंबई की स्थिति मजबूत हुई है। क्षेत्रवार सूची में मेटल्स एंड माइनिंग में 7 कंपनियां, जबकि सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज, एनर्जी और कंज्यूमर गुड्स में 6-6 कंपनियां शामिल हैं। मुख्य उपलब्धियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर का 97 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा पर संचालन, महिंद्रा एंड महिंद्रा का 15 गुना जल सकारात्मक होना, और जेएसडब्ल्यू एनर्जी का 102 प्रतिशत अपशिष्ट पुन: उपयोग अनुपात के साथ नेट-पॉजिटिव सर्कुलेरिटी प्रदर्शित करना शामिल है। पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स पहले ही कार्बन न्यूट्रल बन चुके हैं, जबकि हैदराबाद की डॉ. रेड्डीज के अलावा टेक महिंद्रा और हीरो मोटोकॉर्प सहित पांच बड़ी कंपनियां 2030 तक कार्बन न्यूट्रल बनने का लक्ष्य रखती हैं।
अन्विता प्रशांत ने कहा कि इस सूची में 25 कंपनियों ने लैंगिक समानता पर मापनीय लक्ष्य निर्धारित किए हैं। 30 कंपनियां ईएसजी केंद्रित अनुसंधान एवं विकास में निवेश कर रही हैं, और 39 कंपनियां पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय कर रही हैं।
4.7 लाख महिलाएं कार्यबल में शामिल
प्रणव प्रशांत ने कहा कि यह सूची भारत की स्थिरता यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण को दर्शाती है, जहां प्रभाव अब केवल स्टार्टअप्स का सिद्धांत नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियों की व्यावसायिक प्राथमिकता बन चुका है। आईटीसी, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और विप्रो जैसी कंपनियों की उपलब्धियां पूरे इकोसिस्टम को नई दिशा दे रही हैं।
अनस रहमान जुनैद ने कहा कि यह सूची उस निर्णायक बदलाव को दर्शाती है। अब स्थिरता केवल रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि रणनीति का हिस्सा बन गई। 8,000 करोड़ से अधिक की सीएसआर निवेश से 20 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच बनाई गई है, लगभग 4.7 लाख महिलाएं कार्यबल में शामिल हैं, 109 महिलाएं बोर्ड में हैं और 7,000 से अधिक दिव्यांग कर्मचारी कार्यरत हैं।
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