हैदराबाद : कंसल्टेन्सी के संचालक का हत्यारा अरेस्ट

हैदराबाद, मधुरा नगर पुलिस ने कंसल्टेन्सी के संचालक जग्गावरुपु शशिकिरण रेड्डी (35) की हत्या करने वाले हत्यारे मूलत गणपर्ती ग्राम, मुनगापाका मंडल, विशाखापट्टनम निवासी व अस्थाई तौर पर यूके गुड़ा रामोजी फिल्म सिटी में रहने वाले निजीकर्मी पोल्लामरि शेट्टी प्रभु कुमार उर्फ शानु (19) को गिरफ्तार कर लिया।

बंजारा हिल्स डिवीजन के एसीपी एस. वेंकट रेड्डी ने आज संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हत्यारे प्रभु कुमार को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेस्ट ग्रुप ऑफ सर्विसेस जॉब कंसल्टेन्सी की एचआर एग्जीक्यूटिव दूलीपाडु अक्षया उर्फ साई श्रुति (23) की शिकायत पर मधुरा नगर इंस्पेक्टर एच. प्रभाकर ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि शिकायत के अनुसार, गत 10 मार्च को दोपहर 2.10 बजे हत्यारा प्रभु कुमार इंजीनियरिंग कॉलोनी, हैदराबाद स्थित बेस्ट ग्रुप ऑफ सर्विसेस के कार्यालय आया।

कार्यालय आने के बाद उसने कंसल्टेन्सी के संचालक शशिकिरण रेड्डी से बातचीत की और इसके पूर्व नौकरी के लिए भरे गए 2,500 रुपये लौटाने के लिए कहा। शशिकिरण ने 1,500 रुपये ऑनलाइन स्तर पर उसे भेज दिए और बकाया रकम बाद में देने की बात कही। हालाँकि कंसल्टेन्सी के जरिए प्रभु कुमार को नौकरी दिलाई गई और प्रभु कुमार दो दिन नौकरी करने के बाद उसे छोड़ दिया और जमा किए गए पैसे वापस करने की माँग की। इस बात को लेकर झगड़े के चलते प्रभु कुमार ने चाकू से शशिकिरण पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

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हमले में शशिकिरण पर 23 घाव, अस्पताल पहुँचने से पहले मौत

इस हमले में शशिकिरण के शरीर पर चाकू मारने के 23 घाव हुए और वह लहुलूहान होकर वहीं गिर गया। उसे एस्ट्रो प्राइम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही शशिकिरण की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, शशिकिरण की हत्या करने के बाद प्रभु कुमार कार्यालय के नीचे आकर खून से सने अपने हाथ पानी से धो लिए और चाकू वहीं फेंक दिया। इसके बाद वह पैदल चलते हुए अमीरपेट तक गया और वहाँ से ऑटो में सवार होकर एल.बी. नगर पहुँचा। हमले के दौरान चाकू लगने से प्रभु कुमार की उँगली भी कट गई थी। उसने एल.बी. नगर स्थित एक निजी अस्पताल में जाकर उपचार करवाने का प्रयास किया।

यह अस्पताल छोटे बच्चों का होने के कारण वहाँ उसका उपचार नहीं हो सका। इसके बाद उसने विजयवाड़ा जाने के लिए एक कार बुक की और कार में सवार होकर विजयवाड़ा के लिए रवाना हुआ। उसकी उँगली कटी हुई और खून बहता देख कार चालक को संदेह हुआ और उसने चिट्याल के पास प्रभु कुमार को अपनी कार से उतार दिया। इसके बाद प्रभु कुमार चिट्याल से बस में सवार होकर जगय्यापेट अपने दोस्त के घर गया और उससे शरण माँगी। लेकिन तब तक इस हत्या का समाचार फैल चुका था और उसके दोस्त ने उसे शरण देने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह बस के जरिए विजयवाड़ा पहुँच गया और कनक दुर्गा मंदिर के निकट रहने वाले अपने दोस्त के घर पहुँच गया। इस दौरान पुलिस उसके सेलफोन के आधार पर जाँच-पड़ताल करते हुए विजयवाड़ा पहुँच गई थी, लेकिन प्रभु कुमार पुलिस को चकमा

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