हैदराबाद : तिरुपति दर्शन के नाम पर साइबर क्राइम इंस्पेक्टर से लाखों की ठगी
हैदराबाद, साइबर ठगी के मामलों में अधिकांश पढ़े-लिखे लोग ही शिकार होते नजर आ रहे हैं। राचकोंडा के साइबर अपराध पुलिस थाने में कार्यरत पुलिस इंस्पेक्टर का साइबर ठगी का शिकार होना इसका एक जीवन उदाहरण है। जो पुलिस लोगों को साइबर ठगी से बचाती है, वही पुलिस साइबर ठगी का शिकार हो रही है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि साइबर ठग कितने शातिर हैं और पुलिस पर भी हाथ डालने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने राचकोंडा के साइबर अपराध पुलिस थाने में कार्यरत पुलिस इंस्पेक्टर को अपना शिकार बनाकर उसके पास से तिरुपति तिरुमला देवस्थानम् में दर्शन और आवास उपलब्ध करवाने की आड़ में न केवल 1.62 लाख रुपये वसूले, बल्कि उनके कुछ रिश्तेदारों के पास से भी दो लाख रुपये लूट लिए। इस पुलिस इंस्पेक्टर को गत 16 नवंबर को एक व्यक्ति ने फोन किया और अपने आपको सेवानिवृत्ति अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरसिम्हा रेड्डी बताते हुए बातचीत की। उसने इंस्पेक्टर को बताया कि उसके पुत्र लोकेश का बैंक खाता फ्रीज हो गया है और इसे डीफ्रीज करवाना है।
इस पर इंस्पेक्टर नरसिम्हा रेड्डी ने कहा कि उसके लड़के को पुलिस थाने भेज दें, वह उसका कार्य करवा देगा। बातचीत के दौरान नरसिम्हा रेड्डी ने बताया कि वह तिरुपति तिरुमला देवस्थानम् में कार्यरत है और कभी उनके तिरुपति आने पर वह दर्शन व आवास की व्यवस्था करेगा। पुलिस इंस्पेक्टर ने अपनी पत्नी जो म्यूजिक टीचर है, उसे बताया कि वे अब तिरुपति में आसानी से दर्शन कर सकते हैं।
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दर्शन और आवास का झांसा देकर ऑनलाइन रकम वसूली
कुछ दिन बाद उसकी पत्नी ने उससे कहा कि तिरुपति में आयोजित होने वाले नादनीराजनम कार्यक्रम में वह भाग लेना चाहती है और इसके संदर्भ में उसने नरसिम्हा रेड्डी से बात करने के लिए कहा। पुलिस इंस्पेक्टर ने नरसिम्हा रेड्डी को फोन कर इस बारे में बताया। नरसिम्हा रेड्डी ने बताया कि वह नादनीराजनम कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सारी व्यवस्था कर देगा। कुछ दिन बाद नरसिम्हा रेड्डी ने इंस्पेक्टर को फोन कर बताया कि उसने 21 दिसंबर को कार्यक्रम में भाग लेने के अलावा भगवान के दर्शन और आवास की सारी व्यवस्था कर दी है। इसके लिए उसने इंस्पेक्टर को 1.62 लाख रुपये ऑनलाइन स्तर पर भेजने के लिए कहा।
इंस्पेक्टर ने तुरन्त पैसे भेज दिए। इसके बाद फोन करने पर नरसिम्हा रेड्डी आना-कानी करते हुए टालता गया। संदेह होने पर इंस्पेक्टर ने तिरुमला में कार्यरत अपने बैच के एक इंस्पेक्टर को फोन किया, तब उसे पता चला कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् में नरसिम्हा रेड्डी नामक कोई सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यरत नहीं है और यह भी पता चला कि नादनीराजनम से कोई कार्यक्रम भी आयोजित नहीं किया जा रहा है। जानकारी मिलने के बाद इंस्पेक्टर की शिकायत पर राचकोंडा की साइबर अपराध पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
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