हैदराबाद : रविवार और सोमवार को अधिक हो रहे हैं सड़क हादसे

हैदराबाद, हैदराबाद की सड़कों पर आए दिन कहीं न कहीं सड़क हादसे होने की खबरें प्रकाश में आ रही हैं और इन हादसों में पद चालकों समेत कई वाहन चालक मौत का शिकार हो रहे हैं। नगर यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर सख्ती बरतने के बावजूद हादसों की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही है। यातायात पुलिस द्वारा हाल ही में किए गए अध्ययन के अनुसार सप्ताह में रविवार और सोमवार को बड़ी संख्या में सड़क हादसे होने का खुलासा हुआ। सड़क हादसे रात के समय और तड़के सुबह अधिक होते हैं, लेकिन ताजा अध्ययन में एक आश्चर्यजनक खुलासा हुआ, जिसमें पता चला है कि इन दो दिनों में दोपहर के समय हादसों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है।

अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष शहर में 2,801 सड़क हादसे प्रकाश में आए। इन हादसों का अध्ययन करने पर स्पष्ट हो रहा है कि रविवार और सोमवार को हादसों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। रविवार को अवकाश होने के कारण सड़कें खाली रहती हैं और खाली सड़कों पर वाहन चालकों द्वारा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण भी हादसों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। इसके अलावा कॉर्पोरेट कल्चर के अनुसार वीकेंड के चलते भी कई लोग शराब की पार्टियों का आनंद लेते हैं और इसके बाद नशे में वाहन चलाने के कारण भी हादसे बढ़ रहे हैं।

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रविवार को सर्वाधिक 448 हादसे दर्ज

सप्ताह के शेष दिन मंगलवार से लेकर शुक्रवार तक औसतन 350 से 400 सड़क हादसे प्रकाश में आ रहे हैं। पिछले वर्ष 2801 सड़कों हादसों का अध्ययन करने पर स्पष्ट हो रहा है कि रविवार को सर्वाधिक 448 और इसके बाद सोमवार को 433 सड़क हादसे प्रकाश में आई। इसी प्रकार मंगलवार को 413, बुधवार को 371, गुरुवार को 356, शुक्रवार को 372 और शनिवार को 408 सड़क हादसे दर्ज किए गए।

अध्ययन के आँकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक सड़क हादसे सुबह 9 से 10 बजे के दौरान हो रहे हैं, क्योंकि यह स्कूल, कॉलेज और कार्यालय जाने के लिए अति व्यस्त समय माना जाता है और इस दौरान सड़क पर वाहनों की संख्या भी काफी रहती है। इस समयावधिक के दौरान 156 सड़क हादसे दर्ज किए गए। इसी प्रकार दोपहर के समय भी हादसों की संख्या अधिक देखी गई और इस समयावधि के दौरान 151 हादसे प्रकाश में आए।

अध्ययन के अनुसार, रात 8 से 9 बजे के दौरान 149 सड़क हादसे प्रकाश में आए। हादसों का मुख्य कारण वाहन चालकों द्वारा लापरवाही बरतना और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के अलावा सिग्नल जम्प करना, रांगरूट में वाहन चलाना और गलत तरीके से ओवरटेक करना है। इस वर्ष जनवरी और फरवरी माह के दौरान शहर में 600 सड़क हादसे दर्ज किए गए। कुछ मामलों में शराब पीकर वाहन चलाने के कारण ही हादसे प्रकाश में आए और इस प्रकार के हादसों में किसी की जान जाने पर नशेड़ी वाहन चालक के खिलाफ हत्या के समानांतर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। अध्ययन के अनुसार, सुबह 8 से 11 बजे के दौरान पिछले वर्ष 429 और दोपहर 12 से 7 बजे के दौरान 737 और रात 7 से 9 बजे तक 281 सड़क हादसे प्रकाश में आए।

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