हैदराबाद : शी टीम ने वर्षभर में 3,826 मनचलों को दबोचा

हैदराबाद, नगर पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर नगर पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की छेड़छाड़, डिजिटल ब्लैकमेलिंग या साइबर स्टॉकिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए आयुक्त ने मनचलों को चेतावनी देते हुए बताया कि अपराधी यह न समझें कि तकनीक या गुमनामी उन्हें कानून से बचा लेगी। हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि सामाजिक बदनामी या पहचान उजागर होने के डर को हावी न होने दें। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रत्येक पीड़िता की पहचान और गरिमा की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। पुलिस हर महिला के साथ खड़ी है।

बताया गया कि पिछले एक वर्ष में हैदराबाद की शी टीमों ने 1,149 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया। अंडरकवर निगरानी, डिकॉय ऑपरेशन और तकनीकी विश्लेषण के जरिए 3,826 शरारती तत्वों को रंगे हाथों पकड़ा गया। एक मामले में, निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल की जा रही युवती ने सामाजिक डर के बावजूद शी टीम से संपर्क किया, जिसके बाद आरोपी को तुरंत पकड़ा गया।

एक अन्य मामले में, ब्लॉक करने के बावजूद पीछा और धमकियों का सामना कर रही कामकाजी महिला को पुलिस सुरक्षा और कानूनी सहायता प्रदान की गई। 22 वर्षीय एक युवती ने बताया कि एक परिचित से विवाद के बाद उसे लगातार धमकियां दी जा रही थीं। वह डर के साये में जी रही थी। एक क्लिक से उसकी इज्जत और परिवार की प्रतिष्ठा खत्म हो सकती थी, लेकिन शी टीम ने न सिर्फ आरोपी को पकड़ा, बल्कि उसकी गरिमा और गोपनीयता का पूरा ध्यान भी रखा।

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डिजिटल ब्लैकमेलिंग ने महिलाओं के लिए चुनौती बढ़ाई

पुलिस की जांच में डिजिटल ब्लैकमेलिंग सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। एक साल में 366 महिलाएं ब्लैकमेलिंग का शिकार हुईं। अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोस्ती कर निजी तस्वीरें या वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करते थे। कई मामलों में पूर्व प्रेमियों द्वारा शादी या भविष्य खराब करने की धमकी देकर उत्पीड़न किया गया। बताया गया कि 121 मामले देर रात इंटरनेट कॉल से परेशान करने, 82 मामले फर्जी प्रोफाइल और अश्लील कंटेंट फैलाने, 50 से अधिक महिलाएँ लगातार गुमनाम कॉल्स से मानसिक तनाव का शिकार करने से संबंधित थे।

इन मामलों में फॉरेंसिक तकनीक से अपराधियों की पहचान की गई। उसी तरह, शी टीमों ने शादी का झांसा देकर शोषण के 98 मामलों का भी निपटारा किया। पीड़िताओं को काउंसलिंग दी गई और आरोपियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई। शिकायतों के अलावा 15 शी टीमें सादे कपड़ों में बस स्टैंड, कॉलेजों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकांश आरोपियों को परिवार के साथ काउंसलिंग दी गई, जबकि गंभीर मामलों में एफआईआर, गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत की कार्रवाई हुई।

शी टीम ने किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न की शिकायतें डॉयल 100 या शी टीम्स के व्हाट्सऐप नंबर 949061655 पर जानकारी देने की अपील की।

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