आईआईटी हैदराबाद और मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक में करार

हैदराबाद, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद (आईआईटी) ने जापान की मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन के साथ रणनीतिक समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षए किए, ताकि विज्ञान, इंजीनियरिंग और उन्नत तकनीकों में उद्योग-अकादमी सहयोग को गहरा किया जा सके। यह समझौता फरवरी 2026 से फरवरी 2029 तक तीन वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी है। इसका उद्देश्य संयुक्त शोध, वैश्विक ज्ञान आदान-प्रदान और उन्नत नवाचारों के सामाजिक उपयोग को तेज करना है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, समझौते के तहत आईआईटी हैदराबाद और मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक प्रमुख भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों में सहयोग करेंगे, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक और साइबर सुरक्षा शामिल हैं। साझेदारी मानव संसाधन विकास पर भी जोर देती है, जिसमें छात्र इंटर्नशिप, शोधकर्ता आदान-प्रदान, संयुक्त प्रकाशन, व्याख्यान, कार्यशालाएँ और हैकाथन के लिए संरचित कार्यक्रम शामिल हैं, जिससे छात्रों और संकाय को वैश्विक आरएंडडी पारिस्थितिकी तंत्र का अनुभव प्राप्त होगा।

यह सहयोग आईआईटी हैदराबाद की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर आधारित है। विशेष रूप से जापानी विश्वविद्यालयों और उद्योग के साथ। उल्लेखनीय है कि मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक आईआईटीएच के साथ छात्र इंटर्नशिप और टेक्नोलॉजी इनोवोशन हब ऑन आटोनॉमस नेविगेशन के साथ स्वायत्त नेविगेशन पर संयुक्त शोध के माध्यम से सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है, जो आईआईटी हैदराबाद में स्थापित एक प्रमुख स्मार्ट-मोबिलिटी अनुसंधान केंद्र है। यह मौजूदा सहभागिता नए एमओयू के तहत सहयोगी शोध और नवाचार को बढ़ाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

अगली पीढ़ी की तकनीकों व प्रतिभा विकास पर जोर

प्रो. बी. एस. मूर्ति, निदेशक, आईआईटी हैदराबाद ने कहा कि यह समझौता आईआईटी की उन्नत शोध को वास्तविक दुनिया के प्रभाव के साथ एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक जैसे वैश्विक उद्योग नेताओं के साथ निरंतर सहयोग आईआईटीएच के अगले-पीढ़ी की तकनीकों, अंतविषय अनुसंधान और वैश्विक प्रतिभा विकास के प्रयासों को मजबूत करता है, जबकि यह संस्थान के मानवता के लिए प्रौद्योगिकी में आविष्कार और नवाचार के दृष्टिकोण के साथ संरेखित है।

मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के लिए यह साझेदारी उनके वैश्विक आरएंडडी रणनीति के अनुरूप है, जो फोरसाइट तकनीकों पर केंद्रित सामाजिक और तकनीकी परिवर्तनों की पूर्व-धारणा करके दीर्घकालिक मूल्य बनाने के लिए। आईआईटी हैदराबाद के साथ सह-निर्माण कर कंपनी का उद्देश्य शोध परिणामों को व्यावहारिक समाधानों में तेज़ी से बदलना है, जो एक अधिक टिकाऊ और तकनीकी रूप से लचीली दुनिया में योगदान करें।

यह भी पढ़ें… लोकतंत्र की मजबूती हेतु केंद्र तथा राज्य में समन्वय आवश्यक : प्रो. तिरुपति राव

समझौता आईआईटी हैदराबाद को मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क में एक प्रमुख शैक्षणिक साझेदार के रूप में स्थापित कर उद्योग सहयोग, उद्यमिता और वैश्विक अनुसंधान सहभागिता में आईआईटीएच की तेजी से बढ़ती प्रतिष्ठा को मजबूत करता है।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button