कामारेड्डी बीसी डिक्लेरेशन को अमल में लाएँ : तलसानी
हैदराबाद, विधानसभा में भारास के पूर्व मंत्री व डिप्टी फ्लोर लीडर तलसानी श्रीनिवास यादव ने बीसी वर्ग के मुद्दों पर सरकार को चुनौती देते हुए कामारेड्डी बीसी डिक्लेरेशन को अमल में लाने की माँग की। उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व कांग्रेस ने राज्य की जनता को धोखा देने के लिए झूठे आश्वासन दिए। विधानसभा में अनुदान माँग पत्रों पर चर्चा प्रारंभ करते हुए श्रीनिवास यादव ने कहा कि राज्य में बीसी वर्ग की जनसंख्या कुल जनसंख्या में 56 प्रतिशत है।
कांग्रेस ने चुनाव पूर्व बीसी वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करवाने का कामारेड्डी डिक्लेरेशन में वादा किया था। इसके साथ ही बजट में प्रति वर्ष बीसी वर्ग के कल्याण हेतु 20 हजार करोड़ रुपये बजटीय आवंटन करने का आश्वासन दिया, लेकिन आश्वासनों को पूरा न कर बीसी वर्ग के साथ कांग्रेस ने धोखा किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही कांग्रेस ने बीसी वर्ग के लिए आवंटित बजट में 20 प्रतिशत भी खर्च नहीं किया।
बीसी वर्ग के वादे अधूरे, बजट और आरक्षण पर सवाल
पहले दो वर्ष के दौरान 13,405 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, लेकिन जारी बजट पूर्ण स्तर पर खर्च नहीं किया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी बीसी वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार तेलंगाना में बीसी वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करवाना संभव नहीं है, इसका फैसला करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।
आरक्षण के बजाय बीसी सब प्लान पर निर्णय लेना राज्य सरकार के हाथ में है, लेकिन वह इसे अमल में नहीं ला रही। उन्होंने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपये बजट आवंटन करना राज्य सरकार के हाथ में है, लेकिन सरकार इसे अमल में नहीं ला रही है। उन्होंने कहा कि भारास अंबेडकर के दिए अधिकारों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रही है और यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
तलसानी ने कहा कि राज्य में जाति जनगणना भी पारदर्शितापूर्ण तरीके से नहीं हुई। इतना ही नहीं, बीसी आयोग की रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बीसी वर्ग के साथ घोर अन्याय कर रही है, जिसका ताजा उदाहरण बीसी वर्ग के बच्चों से संबंधित शुल्क पुनर्भुगतान की बकाया राशि को जारी नहीं करना है। इसकी तुलना में भारास हमेशा बीसी वर्ग के साथ न्याय करती रही।
बीसी वर्ग के अधिकार और स्कॉलरशिप विवाद
पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में बीसी वर्ग के व्यक्ति को उस्मानिया विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया। भारास के सत्ता में रहने के दौरान शुल्क पुनर्भुगतान को कभी भी रोका नहीं गया। इतना ही नहीं, बीसी वर्ग के दो नेताओं वंगा प्रकाश, लिंगम यादय्या को राज्यसभा भेजा गया। उन्होंने कहा कि केसीआर के शासनकाल के दौरान विदेशों में पढ़ने वाले बीसी वर्ग के बच्चों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई, लेकिन इस सरकार ने स्कॉलरशिप भी जारी नहीं की।
के. चंद्रशेखर राव ने बीसी वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करवाने के लिए कांग्रेस द्वारा संसद में निजी विधेयक पेश न करने पर भी सवाल उठाए। इतना ही नहीं, कांग्रेस के शासन के दौरान बीसी वर्ग से संबंधित आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ पक्षपातपूर्ण रवैया करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने के बजाय लूप लाइन में भेजा जा रहा है।
श्रीनिवास यादव के बयान पर आपत्ति जताते हुए पंचायतराज मंत्री सीतक्का ने कहा कि राहुल गांधी ने जितनी आबादी, उतनी हिस्सेदारी का नारा दिया था। इसके आधार पर ही कांग्रेस सरकार बीसी वर्ग को उनकी हिस्सेदारी दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल किया कि 10 वर्ष सत्ता में रहने के दौरान भारास ने बीसी वर्ग के साथ किस प्रकार का न्याय किया। विधि मामलों के मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि इतिहास में गलतियाँ होने पर उसे सुधारने की जिम्मेदारी हम सभी की होती है।
कांग्रेस ने बीसी वर्ग के लिए 20 हजार करोड़ मांगे
बीसी वर्ग के साथ जो अन्याय हुआ है, उसे सुधारने के उद्देश्य से कांग्रेस सरकार कार्य कर रही है। इन पर राजनीति कर पानी न फेरने की बात कहते हुए उन्होंने सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सांसदों ने बीसी आरक्षण के लिए राष्ट्रपति से मुलाकात कर सिफारिश भी की है। खेलकूद और युवा मामलों के मंत्री वाकिटी श्रीहरि ने तलसानी श्रीनिवास यादव के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वह एक बीसी वर्ग के नेता हैं।
उन्हें अच्छा अनुभव होगा कि एक बीसी वर्ग के नेता को इस स्तर तक पहुँचने के लिए कितना नरक भोगना पड़ता है। इस पर श्रीनिवास यादव ने कहा कि वह एक बड़े ब्रांड के नेता हैं और किस प्रकार से परेशानियाँ झेलकर वह इस स्तर तक पहुँचे है, अपने आपको साबित करने के लिए उन्हें किसी और के सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है।
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राज्य सरकार के सचेतक आदि श्रीनिवास ने कहा कि कांग्रेस की परिधि में जो कुछ भी करना था, वह करते हुए कांग्रेस ने बीसी वर्ग के साथ न्याय करने में ईमानदारी दिखाई। श्रीनिवास यादव ने चर्चा पूरी करते हुए कामारेड्डी बीसी डिक्लेरेशन को अमल में लाते हुए 20 हजार करोड़ रुपये का बजट बीसी वर्ग को आवंटित करने की माँग की।
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