कोर अर्बन कानून लाने के निर्देश : रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (जीएचएमसी) कानून की जगह कोर अर्बन कानून तैयार करने का निर्देश दिया है, जो हैदराबाद आउटर रिंग रोड (कोर अर्बन) के भीतर आने वाली तीनों नगर निगमों में लागू होगा।

रेवंत ने सुझाव दिया कि सभी अनुमतियाँ, फीस, विकास के कामों को लागू करने और दूसरे मामलों के लिए इस नये कानून को आधार बनाया जाना चाहिए। सीएम ने कहा कि 99 दिन के कार्यक्रम में सबसे पहले नगर पालिकाओं में होने वाले कामों को शुरू किया जाएगा। उन्होंने आदेश दिया कि जो लोग तय जगहों के बजाय कहीं भी कचरा फेंकते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
साथ ही उन्होंने कहा कि कोर अर्बन एरिया में सड़कों का निर्माण जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए। सीएम ने आदेश दिया कि कोर अर्बन एरिया में आर एंड बी और अन्य विभागों की सभी सड़कों को नागरिक प्रशासन की परिधि में लाया जाए। उन्होंने शहर के अलग-अलग हिस्सों में भीड़ कम करने के लिए बनाए जाने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर के मॉडल पर कई सुझाव दिए।
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कोर अर्बन रीजन में खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता का आदेश
रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को भारत फ्यूचर सिटी की सीमा के भीतर सरकारी कार्यालयों का निर्माण तय समय में पूरा करने का निर्देश दिया। रेवंत ने अधिकारियों को ओआरआर के भीतर वाले कोर अर्बन रीजन इकोनॉमी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होटलों के रसोईघरों में सीसी कैमरे लगाकर उन्हें कमांड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाए।

रेवंत ने सचिवालय में नागरिक प्रशासन व शहरी विकास विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को होटलों की नियमित जांच के साथ साथ विशेष निगरानी विंग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने होटलों को रेटिंग और प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया की जांच करने का भी सुझाव दिया। साथ ही होटलों में आग सुरक्षा के लिए उन्नत उपकरणों के उपयोग के लिए भी निर्देश जारी किये। उन्होंने अधिकारियों को स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को चिह्नित स्थानों पर ही कचरा डालने के लिए लोगों को जागरूक करने का सुझाव दिया। समय पर काम पूरा करने के लिए यदि आवश्यक हो तो प्रौद्योगिकी का उपयोग करने को कहा।
रेवंत ने आगे कहा कि सभी स्ट्रीट लाइटों को विशेष नंबर देते हुए डैशबोर्ड से जोड़ा जाए। कहीं पर भी समस्या उत्पन्न होने पर तकनीक के माध्यम से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में सिग्नल जंक्शन और सर्किलों पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चरों का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि बारिश का पानी जमीन में सोख लिया जाए। उन्होंने इसके लिए पहले कुछ क्षेत्रों की पहचान कर पायलट परियोजना के रूप में जल संचयन कुओं की स्थापना करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम के सलाहकार नरेंदर रेड्डी, सरकार के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव व संबंधित उच्च अधिकारियों ने भाग लिया।
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