कुत्तों के संरक्षण केंद्र की जाँच कर रिपोर्ट पेश करें : कोर्ट
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने जीएचएमसी को उद्योगपतियों द्वारा कुत्तों के संरक्षण और देखभाल के लिए स्थापित विशाल संरक्षण केंद्र का निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
इसी प्रकार अदालत ने जीएचएमसी को अपने संरक्षण में रखे गए कुत्तों और पिल्लों की तस्वीरें और वीडियो लेने का भी आदेश दिया। पड़ोसियों की शिकायत पर कामेश्वरी के पास से 37 कुत्तों व पिल्लों को जीएचएमसी द्वारा जब्त करने का प्रयास करने पर कामेश्वरी ने उच्च न्यायालय की शरण ली।
उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश ने दलील सुनने के पश्चात कुत्तों और पिल्लों को जीएचएमसी को सौंपने के आदेश दिए। इस आदेश के चलते पीपल फॉर एनिमल्स नामक एक गैर-लाभकारी संगठन ने उच्च न्यायालय में अपील दायर कर कुत्तों की देखभाल की जिम्मदारी उन्हें सौंपने का आदेश माँगा।
सुनवाई 6 मार्च तक स्थगित, आवास सुविधाओं का निरीक्षण किया जाएगा
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहियुद्दीन की खण्डपीठ ने हाल ही में अपील याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान जीएचएमसी की ओर से अधिवक्ता ने दलील देते हुए अनुरोध किया कि डॉक्टर द्वारा दी गई रिपोर्ट की जाँच की जाए, जिसमें कहा गया कि पुनर्वास केंद्र में 27 कुत्ते और 5 पिल्ले स्वस्थ हैं। प्रतिवादी पी. कामेश्वरी ने व्यक्तिगत रूप से दलील पेश करते हुए कहा कि जीएचएमसी के पास कुत्तों की देखभाल करने की सुविधाएँ नहीं है।
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पी. कामेश्वरी ने कहा कि उनके पास इन जानवरों के लिए एक बड़ा आवास है और उनके देखभाल करने की आर्थिक क्षमता भी है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 13 वर्षों से वह जिन 37 कुत्तों को अपने परिवार की तरह पाल रही थी, उन्हें ले जाया गया और उनमें से 5 की मौत हो गई। दलील सुनने के पश्चात खण्डपीठ ने उद्योगपति कामेश्वरी द्वारा उपलब्ध आवास सुविधाओं का निरीक्षण करने और रिपोर्ट पेश करने के जीएचएमसी को आदेश देते हुए सुनवाई 6 मार्च तक स्थगित कर दी।
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