निवेश समझौतों पर जारी करें श्वेत पत्र : केटीआर
हैदराबाद, विपक्ष बीआरएस विधायक व पूर्व मंत्री केटी रामाराव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के शासन में राज्य का विकास नहीं हो रहा है। उन्होंने राज्य में निवेश करने को लेकर सरकार और विभिन्न कंपनियों के बीच अब तक हुए समझौतों और उनकी अमलावरी पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग की। केटीआर ने विधानसभा में राज्यपाल के भाषण के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा में कहा कि वर्ष 2023 के राज्यपाल के भाषण में कहा गया था कि सीएम ने चुनावी वादों की फाइल पर हस्ताक्षर किया था। लेकिन दो वर्षों के बाद भी वादे पूरे नहीं हुए।
केटीआर ने सवाल किया कि जनता से किये गये वादों को पूरा नहीं करने वाली सरकार को धन्यवाद क्यों देना है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने पिछली सरकार पर राज्य को कर्ज के ढेर में बदलने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस सरकार गरीब लोगों की भलाई के लिए कई कल्याण योजनाएं लागू कर रही है और इसके लिए सरकार को धन्यवाद देना चाहिए। केटीआर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है कि उसने महिला संघों को 57 हजार करोड़ का शून्य ब्याज का ऋण दिलाया है।
केटीआर ने सरकार को चुनौती दी कि अगर इससे संबंधित सरकारी आदेश सदन में रखा जाए, तो वह तुरंत अपने विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने सरकार को यह भी चुनौती दी कि अगर वह यह साबित कर दे कि किसी भी गाँव में 2 लाख रुपये की फसल ऋण माफी शत प्रतिशत पूरी हो गई है, तो भी वह इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनाने जैसी नामुमकिन बातें कह रही है।
कांग्रेस पर तेलंगाना की आर्थिक स्थिति बिगाड़ने का लगाया आरोप
केटीआर ने टिप्पणी की कि महिलाओं को करोड़पति बनाना तो दूर की बात है, इससे पहले महिलाओं को 2,500 रुपये की पेंशन देने के वादे को पूरा करें। इसे चालू सत्र में पेश किये जाने वाले बजट में शामिल किया जाए। उन्होंने आलोचना की कि कांग्रेस सरकार ने गर्भवती महिलाओं को दिये जाने वाले केसीआर किट योजना को रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी सरकार यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही है कि उसने 67 हजार नौकरियों पर भर्ती प्रक्रिया को पूरी कर चुकी है।
केटीआर ने टिप्पणी की कि कांग्रेस सरकार ने इनमें से केवल 11,921 नौकरियों के लिए अधिसूचना जारी किया था, जबकि बाकी के लिए अधिसूचना पिछली बीआरएस सरकार के दौरान जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार के बड़े हस्तियां तेलंगाना के दिवालिया होने का झूठा प्रचार करेंगे, तो अंतत इससे राज्य को ही नुकसान होगा। केंद्रीय अर्थ संस्थाओं ने साफ तौर पर बताया है कि राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी है।
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केटीआर ने कहा कि सोशियो-इकोनॉमिक सर्वे में भी यही बात कही गई है। उन्होंने सवाल किया कि बीआरएस सरकार के शासन में तेज़ी से आगे बढ़ी राज्य की अर्थव्यवस्था अब क्यों पिछड़ रही है। केटीआर ने राज्य सरकार से आरटीसी को सरकार में विलय करने की प्रक्रिया को पूरा करके निगम को बचाने, वर्तमान सत्र में बीसी-उपयोजना पेश करने, एक घर को भी नहीं हटाते हुए मूसी रिवर फ्रंट को पूरा करने, सिंगरेणी कालरीज को बचाने आदि माँग की। केटीआर ने दलबदल का मामला भी उठाया, जिसे लेकर थोड़ी देर के लिए गतिरोध पैदा हुआ। उन्होंने स्पीकर की भूमिका पर सवाल खड़ा किया।
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