हैदराबाद, सिद्दीपेट जिले के नंगुनूर मंडल के नरमेट्टा में कंप्रेस्ड बायो-गैस प्लांट की स्थापना के लिए रविवार को भूमिपूजन किया गया। यह परियोजना जुनो जूली बायोफ्यूल्स द्वारा 700 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित की जा रही है।
इस कार्यक्रम में आईटी और उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा देगी, जो अंततः देश के समग्र विकास में योगदान होगा। उन्होंने इस पहल को मेक इन इंडिया और मेक इन तेलंगाना के अनुरूप बताते हुए इसकी सराहना की। परियोजना की प्रमुख विशेषताओं के अनुसार, इससे लगभग 1,400 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिनमें 30 प्रतिशत महिलाएं होंगी, जो समावेशी विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्थानीय रोजगार और विकास को मिलेगी गति
यह पहल क्लस्टर आधारित मॉडल के तहत तीन चरणों में लागू की जाएगी, जिसमें कुल 10 सीबीजी प्लांट स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक प्लांट की क्षमता 100 टन प्रतिदिन होगी। पहले और दूसरे चरण में तीन-तीन प्लांट और तीसरे चरण में चार प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
यह प्लांट धान के पुआल, पशु गोबर और पोल्ट्री अपशिष्ट जैसे सतत कच्चे माल का उपयोग कर बायोफ्यूल गैस का उत्पादन करेंगे, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान होगा। परियोजना के लिए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु गेल और भाग्यनगर गैस लिमिटेड के साथ समझौते किए गए हैं, जिससे उत्पादित गैस को सीजीडी नेटवर्क में शामिल कर परिवहन और औद्योगिक उपयोग में लाया जा सकेगा।
इस अवसर पर विधायक टी. हरीश राव, पूर्व सांसद रायापाटी सांबासिवा राव, वी. हनुमंथा राव, परियोजना के सीईओ नागसरथ रायापाटी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
