गांधी अस्पताल में आईवीएफ प्रक्रिया से शिशु का जन्म
हैदराबाद, गांधी अस्पताल में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) प्रक्रिया द्वारा पहले शिशु का प्रसव कराया गया है। यह इस सरकारी अस्पताल के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि बताई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाह के सात वर्षों के उपरांत भी संतान सुख से वंचित तीस वर्षीय महिला ने निजी अस्पतालों में कई संबंधित उपचार के असफल प्रयासों के बाद गांधी अस्पताल का रूख किया। यहाँ आवश्यक जाँच प्रक्रियाओं के बाद आईवीएफ के माध्यम से गर्भधारण करते हुए महिला ने गत 7 फरवरी को एक बच्ची को जन्म दिया। सी-सेक्शन तथा समय से पहले जन्मी बच्ची को शुरुआत में एनआईसीयू में निगरानी में रखा गया। अब बच्ची को बाल रोग विशेषज्ञ की देखरेख में उसकी माँ के साथ रहने के लिए भेज दिया गया है। माँ और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।
यह भी पढ़े: बलात्कार की शिकार नाबालिग पीड़िता ने शिशु को जन्म दिया
निजी फर्टिलिटी चिकित्सा संस्थानों में आईवीएफ उपचार के प्रत्येक चक्र की लागत लगभग चार से छह लाख रुपये होती है। आमतौर पर आईवीएफ उपचार एक ही चक्र में सफल नहीं होता है। इसलिए ऐसे चक्र कई बार किए जाते हैं। बताया गया कि गांधी अस्पताल में इस महिला का आईवीएफ उपचार निःशुल्क किया गया। यह सफलता आर्थिक रूप से कमजोर उन जोड़ों के लिए बड़ी उम्मीद है, जो निजी अस्पतालों में महंगे फर्टिलिटी उपचार का खर्च नहीं उठा सकते।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



