खेमचंद सिंह होंगे मणिपुर के सीएम, कुकी नेता उप-मुख्यमंत्री

नई दिल्ली/इंफाल, मणिपुर में वाई. खेमचंद सिंह को मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही, पूर्वेत्तर राज्य में उनके नेतृत्व में सरकार गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सूत्रों के अनुसार, कुकी समुदाय से आने वाली महिला नेता और पूर्व मंत्री नेमचा किपगेन के नई सरकार बनने के बाद उप-मुख्यमंत्री बनने की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि पूर्व मंत्री सिंह (62) को यहाँ पार्टी मुख्यालय में हुई भाजपा विधायकों की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में भाजपा के 37 विधायकों में से 35 विधायक के अलावा पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वेत्तर प्रभारी संबित पात्रा और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी सहित अन्य उपस्थित थे। किपगेन (60) को नई सरकार में उप- मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। भाजपा के दो विधायक अस्वस्थ होने के कारण बैठक में अनुपस्थित थे।

इसके बाद, मणिपुर भवन में एक और बैठक हुई, जिसमें मणिपुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के विधायक उपस्थित थे। इनमें नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पाँच और तीन निर्दलीय और भाजपा के विधायक थे। उन्होंने सिंह को राजग विधायक दल का नेता और किपगेन को उपनेता बनाए जाने का समर्थन किया। सूत्रों के अनुसार, एक नगा विधायक को दूसरा उप-मुख्यमंत्री नियुक्त करने का प्रस्ताव है, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नही आया है। सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात करके राजग सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है।

तीनों समुदायों से संवाद के कारण खेमचंद स्वाभाविक विकल्प

राजग के सदस्य और दूसरी बैठक में शामिल हुए निर्दलीय विधायक सपाम निशिकांत सिंह ने कहा कि वाई खेमचंद सिंह के मणिपुर के तीनों प्रमुख समुदायों मेइती, कुकी और नगा के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध हैं, इसलिए वह राजग विधायक दल के नेता के लिए स्वाभाविक पसंद थे। उन्होंने कहा, अच्छे दिन आएँगे और मणिपुर में शांति आएगी। बारह फरवरी को राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने से कुछ दिन पहले ये दोनों बैठकें आयोजित की गईं।

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और विधानसभा अध्यक्ष सत्यब्रत सिंह दोनों बैठकों में उपस्थित थे। मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। वर्तमान में, मणिपुर में भाजपा के 37 विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के 32 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।

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जनता दल (यूनाइटेड) ने छह सीटें जीती थी, जिनमें से पाँच विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए। अन्य विधायकों में से छह नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) से, पाँच नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) से, पाँच कांग्रेस से, दो कुकी पीपुल्स अलायंस से, एक जद (यू) से और तीन निर्दलीय हैं। मौजूदा विधायक का निधन हो जाने के कारण वर्तमान में एक सीट रिक्त है। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अपने मेइती और कुकी विधायकों, सहयोगी एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें कीं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या राजनीतिक हालात सरकार के गठन के लिए अनुकूल है। (भाषा)

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