प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

हैदराबाद, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर राज्य सरकार से विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को पत्र लिखा। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में किशन रेड्डी ने बताया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी ने जनता से 6 बड़ी गारंटियों के अलावा 420 वादे किए थे, जिनके आधार पर जनता ने उसे सत्ता सौंपी। हालांकि, मुख्यमंत्री बनने के बाद रेवंत रेड्डी ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर यह बयान दिया था कि खजाना खाली है। वहीं हाल ही में एक सार्वजनिक सभा में मुख्यमंत्री द्वारा अलग बयान दिया गया, इसे विरोधाभासी बताते हुए किशन रेड्डी ने राज्य की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

किशन रेड्डी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 2014 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने तेलंगाना को विभिन्न योजनाओं और पूंजीगत निवेश के माध्यम से लगभग 12 लाख करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की। इसमें 2.5 लाख करोड़ टैक्स डिवोल्यूशन, 1.85 लाख करोड़ की सड़कों का निर्माण, 36,000 करोड़ से अधिक रेलवे बजट आवंटन, 50,000 करोड़ के रेलवे कार्य, 40,000 करोड़ मनरेगा के तहत, 50,000 करोड़ मूल्य का पीडीएस चावल, 40,000 करोड़ से अधिक स्थानीय निकायों को अनुदान, 12,000 करोड़ की बिजली परियोजनाएं, 21,000 करोड़ शिक्षा एवं खेल क्षेत्र में तथा लगभग 9,000 करोड़ स्वास्थ्य क्षेत्र में शामिल हैं।

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धान और कपास पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कृषि क्षेत्र को लाभ

कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि किसानों को पिछले 12 वर्षों में 14,000 करोड़ पीएम किसान योजना के तहत, 80,000 करोड़ उर्वरक सब्सिडी, लगभग 2 लाख करोड़ धान खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा 60,000 करोड़ कपास खरीद पर एमएसपी के रूप में दिए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न केंद्रीय वित्तीय संस्थानों के माध्यम से राज्य को लगभग 10 लाख करोड़ के ऋण भी उपलब्ध कराए गए।

किशन रेड्डी ने स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (एसएएससीआई) योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2020-21 से शुरू की गई इस योजना के तहत राज्यों को 50 वर्षों की अवधि के लिए ब्याज-मुक्त ऋण दिया जा रहा है। तेलंगाना को पिछले 6 वर्षों में इस योजना के तहत 10,000 करोड़ से अधिक प्राप्त हुए। इन निधियों का उपयोग ड्रेनेज सिस्टम, सड़क चौड़ीकरण, रेलवे विस्तार, पुल एवं फ्लाईओवर, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, पर्यटन ढांचा, ओआरआर और आरआरआर के बीच सड़कों, नदी विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं तथा पीएमजीएसवाई कार्यों में किया गया है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि तेलंगाना का गठन वर्ष 2014 में अधिशेष बजट के साथ हुआ था, लेकिन बीआरएस सरकार के 10 वर्षों और कांग्रेस सरकार के 27 महीनों में राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं हुआ। प्रति व्यक्ति ऋण में निरंतर वृद्धि, पुराने ऋणों पर ब्याज भुगतान, कर्मचारियों के वेतन, रैतु भरोसा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए लगातार पैसों की कमी वित्तीय दबाव का संकेत है। जनता को राज्य की वास्तविक आर्थिक स्थिति से अवगत कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 16 मार्च से प्रारंभ होने वाले बजट सत्र से पहले राज्य की वित्तीय स्थिति पर समग्र श्वेत पत्र जारी किया जाए।

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