6 गारंटियों पर घेराव, विधानसभा में बीआरएस का प्राइवेट बिल

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हैदराबाद, चुनाव के पहले जनता को कांग्रेस की दी गई 6 गारंटियों और उसे 100 दिनों के भीतर अमल करने के किए गए वादे को अमल करवाने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (भारास) ने विधानसभा के जारी बजट सत्र में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने का निर्णय लिया है और सत्तापक्ष कांग्रेस से इसे पारित करने में सहयोग करने की मांग की है।

भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में भारास कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री कल्वाकुंला तारक रामाराव ने मीडिया को संबोधित करते हुए पार्टी के लीगल सेल, जिसमें बीआरएस के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद अधिवक्ता बी. विनोद कुमार, विधान परिषद सदस्य डॉ. दासोजू श्रवण कुमार, पूर्व एडवोकेट जनरल बी.एस. प्रसाद व अधिवक्ता सोम भरत आदि शामिल हैं, के साथ प्राइवेट मेंबर बिल को लेकर करीब डेढ घंटा चर्चा करने के बाद सदन में प्राइवेट मेंबर बिल पेश करने के लिए गए निर्णय से अवगत कराया।

गारंटियों पर कांग्रेस को घेरने में जुटी बीआरएस

रामाराव ने मीडिया को कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद 7 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के शपथ ग्रहण समारोह में 6 गारंटियों को कानून की शक्ल देने के लिए फाइल पर हस्ताक्षर किए जाने संबंधी वीडियो तथा सप्ताहभर के बाद विधानसभा के संयुक्त सत्र के दौरान तत्कालीन राज्यपाल तमिलिसै सौंदरराजन के अभिभाषण में 6 गारंटियों को कानून की शक्ल दिए जाने सबंधी किए गए उल्लेख की वीडियो क्लिपिंग दिखाते हुए कहा कि सरकार के प्रमुख मुख्यमंत्री ने खुद शपथ ग्रहण समारोह में 6 गारंटियों को कानूबद्ध करने के लिए फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं वहीं संविधान की प्रमुख राज्यपाल के जरिए विधानसभा के संयुक्त सत्र में सरकार ने उल्लेख तक करवाया है, ऐसे में कांग्रेस सरकार जनता को दी गई 6 गारंटियों से भाग नहीं पाएगी।

रामाराव ने कहा कि सत्ता में आए कांग्रेस को 840 दिन बीत चुके हैं अब तक जनता को दी गई गारंटियों को पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने खुद जनता को आश्वस्त किया था कि सत्ता में आने के बाद पहली कैबिनेट में ही 6 गारंटियों को 100 दिन में पूरा करने के लिए कानूनबद्ध किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बिल पारित हो जाएगा यदि कांग्रेस सरकार में वादे पूरे करने के प्रति कटिबद्धता हो तो कांग्रेस सदस्यों को बिल का समर्थन करना पड़ेगा।

रामाराव ने कहा कि वादा कांग्रेस का है और मुख्य विपक्षी दल बीआरएस बिल पेश कर रही है। भाजपा के समर्थन के बिना यह बिल पारित हो जाएगा। केटीआर ने संयुक्त आंध्र प्रदेश में वर्ष 1986 के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एन.टी. रामाराव शासन में तत्कालीन भाजपा विधायक दल के नेता रहे सी.एच. विद्यासागर राव द्वारा इसी प्रकार लाए गए प्राइवेट मेंबर बिल को एनटीआर सरकार द्वारा पारित किए जाने का हवाला दिया और कहा कि यदि सरकार में जनता के प्रति कटिबद्धता हो तो वह बिल को पारित अवश्य करती है।

बिल पास होते ही 6 गारंटियां बनेंगी कानूनी हक

रामाराव ने कहा कि बिल पारित होने के बाद 6 गारंटियों को कानून की शक्ल मिलते ही सरकार को जनता का हक अनिवार्य रूप से देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि महालक्ष्मी योजना के अंतर्गत महिलाओं को 2,500 रुपये, चेयुता योजना के तहत 4 हजार रुपये पेंशन, रैतु भरोसा के अंतर्गत किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये, बंटाई किसानों (कउलू रैतु) को भी प्रति एकड़ 15 हजार रुपये, दिव्यांगों को प्रति माह 6 हजार रुपये, विद्यार्थियों को विद्या भरोसा कार्ड के तहत 5 लाख रुपये, फीस रीअंबर्समेंट के बकाए भी अनिवार्य रूप से प्राप्त हो सकेंगे, वरना यह सब कोर्ट की शरण ले सकते हैं।

यदि सरकार हक देने में आनाकानी करेगी तो कोर्ट की फटकार पर ब्याज समेत देना सरकार के लिए अनिवार्य हो जाएगा।केटीआर ने बताया कि सोमवार या मंगलवार को बिल पेश किया जाएगा। यदि सरकार ने बिल स्वीकार कर लिया तो शुक्रवार को वोटिंग होने की संभावना रहेगी। उन्होंने कहा कि बीआरएस इसके लिए विधानसभा के सभापति गड्डम प्रसाद कुमार, विधान परिषद के चेयरमैन गुत्ता सुखेंदर रेड्डी से भी भेंट करेगी, वहीं कांग्रेस के सदस्यों से बिल को समर्थन देने के लिए मिलेगी। उन्होंने बताया कि बीआरएस इस संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों को भी पत्र लिखेगी।

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