दिल के दुश्मनों से बनाएँ दूरी

Ad

दिल शरीर का अति आवश्यक अंग है। जब तक यह धड़कता है तो हम जीवित हैं। जब यह बंद हो जाता है तो हमारा शरीर मिट्टी समान हो जाता है। अगर आप अपने दिल को सही स्थिति में रखना चाहते हैं तो उसके दुश्मनों से करें तौबा। आइए, जानिए स्वस्थ दिल के दुश्मन कौन-कौन हैं-

नाश्ता छोड़ना

लोगों को लगता है कि नाश्ता छोड़ने से हम पतले रहेंगे। लेकिन जो लोग नाश्ता नियमित खाते हैं, वे पतले रहते हैं। न नाश्ता करने वाले ज्यादा मोटे होते हैं।

टीवी देखते हुए खाना

अधिकतर लोग टीवी के सामने बैठकर अपना खाना खाते हैं। नतीजतन उनका ध्यान टीवी पर रहता है और उन्हें पता ही नहीं चलता कि उन्हेंने कितना खाना खा लिया है। इस चक्कर में वे अधिक खा जाते हैं।

टेबल नमक का प्रयोग करना

अधिकतर लोग डाइनिंग टेबल पर नमक रखते हैं। सलाद और दही में उसका प्रयोग करते हैं, जिससे उनके अंदर नमक की मात्रा अधिक चली जाती है जो ब्लडप्रेशर को प्रभावित करती है। इसी प्रकार टेबल पर अचार, पापड़ का प्रयोग भी आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाता है।

सप्ताहांत पर पार्टी

आधुनिक लाइफ स्टाइल में लोगों के पास समय की कमी होती है। वीक डेज में तो सीमित खाना खाते हैं, पर वीकेंड पर खुद को पार्टी या ट्रीट देते हैं। पिज़ा, फ्राइड खाना या अधिक खाने से मोटापा बढ़ता है। अगर आपको स्वयं को ट्रीट करना है तो हर वीकेंड पर एक पसंद का मील लें और पूरा सप्ताह हेल्दी और सीमित भोजन करें।

डिनर विशेष लेना

अधिकतर पुरुष दिन में तो बाहर होते हैं। लंच अपने कार्यस्थल पर करते हैं तो सीमित ही होता है उनका लंच। रात्रि में घर पर रिलेक्स मूड में परिवार के साथ रिच फूड लेते हैं, जो दिल और सेहत दोनों को नुकसान पहुंचाता है। रात्रि में खाना सोने से दो से तीन घंटे पूर्व सुपाच्य और हल्का लें। अगर अधिक भूख नहीं है तो दूध और फल लें जो आपके हृदय के मित्र बनेंगे।

डिनर के बाद जल्दी सोना

दिल का बहुत बड़ा दुश्मन है रात्रि भोजन के तुरंत बाद सोना। कारण, जो हम खाते हैं उससे बनी ऊर्जा का प्रयोग तो कर ही नहीं पाते। इसे बॉडी क्लॉक कहते हैं। इससे मोटापा तेजी से बढ़ता है और शरीर आराम अवस्था में होने के कारण इसकी कैलोरी बर्न की गति भी धीमी पड़ जाती है।

तलने के बाद दोबारा तेल का इस्तेमाल

कुछ भी तलने के बाद बचे हुए तेल का पुन प्रयोग दिल और शरीर के लिए नुकसानदेह है। कोई भी तेल तलने के बाद पुन प्रयोग करने लायक नहीं रहता। हां, उसी समय आप उसका प्रयोग सब्ज़ी बनाने हेतु कर सकते हैं।

डाइनिंग टेबल पर फैमिली के साथ खाना

डाइनिंग टेबल पर सपरिवार खाना तो खाएं पर फैमिली स्टाइल नहीं। टेबल पर बड़े-बड़े सर्विंग बाउल में रखा खाना अधिक खाने को प्रेरित करता है। वैसे भी परिवार के साथ खाने का मज़ा अधिक होता है। अगर खाना पहले से सीमित मात्रा में प्लेट में डाला जाए और फिर साथ बैठकर खाएं तो मात्रा पर कंट्रोल बना रहता है जो हमारी सेहत के लिए उचित है।

नीतू गुप्ता

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Ad

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button