माँ की हत्या कर घर में ही शव दफनाने वाली प्रेमी समेत गिरफ्तार
हैदराबाद, प्रेम विवाह में बाधक बन रही माँ की अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या करने के बाद उसके शव को अपने ही घर में दफनाने वाली नाबालिगा को उसके प्रेमी समेत जवाहरनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दफनाए शव को अलवाल के उप तहसीलदार के समक्ष बाहर निकालकर उस्मानिया अस्पताल के फोरेंसिक डॉक्टरों से घटनास्थल पर ही पोस्टमॉर्टम करवाया।
मल्काजगिरी जोन के पुलिस उपायुक्त सी.एच. श्रीधर और जवाहरनगर एसीपी चक्रपाणि ने आज संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए माँ की हत्या के मामले में नाबालिग पुत्री और उसके प्रेमी मोंटी कुमार सिंह उर्फ मोंटीराज (22) को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कौकूर, भरत नगर, अलवाल निवासी डी.आर. ईश्वर की पत्नी अंजू दासरी रामय्या (40) घरेलू नौकरानी के रूप में कार्यरत थी।
नाबालिगा और युवक के बीच चल रहा था प्रेम प्रसंग
उसकी 17 वर्षीय छोटी बेटी का सुभाषनगर, कुतबुल्लापुर, जीडिमेट्ला निवासी व मूलत बिहार के रहने वाले मोंटी कुमार सिंह के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इन दोनों के बीच प्रेम प्रसंग अंजू को पसंद नहीं था। इन दोनों के बीच दिसंबर-2023 से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जब 17 वर्षीय नाबालिगा इंटर की पढ़ाई कर रही थी। अक्तूबर-2024 के दौरान अंजू ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया और जवाहरनगर पुलिस थाने में शिकायत की।
इस पर मोंटी सिंह के खिलाफ पोक्सो अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। 50 दिन जेल की हवा खाने के बाद बाहर आए मोंटी ने नाबालिगा के साथ अपने संबंध बरकरार रखे। इसके बाद बोलारम पुलिस थाने में अंजू की शिकायत पर मोंटी सिंह के खिलाफ पोक्सो अधिनियम और बलात्कार के तहत मामला दर्ज कर उसे दूसरी बार जेल भेज दिया गया। जनवरी-2025 के दौरान जेल से बाहर आए मोंटी ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर उनके प्रेम प्रसंग में बाधक बन रही अंजू को रास्ते से हटाने की ठान ली।
12 मई, 2025 को अंजू के काम से घर न लौटने पर डी. रोशनी कुमारी ने अंजू के लापता होने की पुलिस थाने में शिकायत की। उसने अपनी छोटी बहन से माँ के बारे में पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसे माँ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सोची-समझी साजिश के तहत नाबालिगा के इशारा करने पर घर लौटी अंजू पर पहले से ही उसका इंतजार कर रहे मोंटी ने चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
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हत्या के बाद शव घर में दफनाकर की गई फ्लोरिंग
इसके बाद दोनों ने मिलकर अंजू के शव को घर में ही गड्ढा खोदकर दफना दिया और उसके ऊपर से मिट्टी डालकर फ्लोरिंग कर दी। रोशनी के इस फ्लोरिंग के बारे में पूछने पर नाबालिगा ने बताया कि घर में चूहों के घर खोदने के कारण फ्लोरिंग की गई। नाबालिगा ने अपनी माँ का सेलफोन तोड़कर भी फेंक दिया। रोशनी ने अक्तूबर-2025 के दौरान अंजू के लापता होने की जवाहरनगर थाना परिधि में शिकायत की।
इस दौरान नाबालिगा गर्भवती हो गई और उसने मोंटी के साथ 8 जनवरी, 2026 को यादाद्रि में विवाह कर लिया। विवाह के बाद वह मोंटी के साथ रहते हुए दो माह पूर्व एक लड़के को जन्म दिया। इधर, अंजू के लापता होने की छानबीन कर रही जवाहरनगर पुलिस ने नाबालिगा और मोंटी सिंह के बीच प्रेम प्रसंग और विवाह के बारे में गहराई से जाँच-पड़ताल की। जाँच के दौरान पुलिस को इन दोनों के व्यवहार पर संदेह हुआ।
दोनों को हिरासत में लेकर पुलिस ने अलग-अलग रूप से पूछताछ की और इस पूछताछ के दौरान दोनों द्वारा दिए गए बयान को लेकर पुलिस का संदेह और गहरा हो गया। इस कारण पुलिस ने मोंटी सिंह से जब अपनी शैली में पूछताछ की, तब मोंटी ने पुलिस के समक्ष अपने घुटने ठेक दिए और अपनी पत्नी के साथ मिलकर अंजू की हत्या करने का अपराध स्वीकार लिया। मोंटी के बयान के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 238 के तहत सबूत मिटाने के मामले दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया। अदालती आदेश के चलते दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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