हैदराबाद सहित देश के प्रमुख शहरों के लिए मार्स इम्पैक्ट फंड

हैदराबाद, स्नैकिंग, पेट केयर तथा फूड एवं न्यूट्रिशन क्षेत्र की वैश्विक कंपनी मार्स इनकॉर्पोरेटेड ने अपने परोपकारी मंच मार्स इम्पैक्ट फंड के माध्यम से 7,26,000 अमेरिकी डॉलर की वैश्विक अनुदान राशि की घोषणा की है। इस पहल के अंतर्गत हैदराबाद सहित भारत के प्रमुख शहरों में वैज्ञानिक ढंग से कुत्तों की आबादी के प्रबंधन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

यहाँ जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स के माध्यम से वैज्ञानिक आधार पर आवारा कुत्तों की आबादी प्रबंधन, पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुँच में विस्तार तथा दीर्घकालिक संस्थागत और पेशेवर क्षमता निर्माण का व्यापक कार्यक्रम मार्स इम्पैक्ट फंड से संचालित किया जाएगा।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से कुत्ता जनसंख्या के विज्ञान आधारित प्रबंधन, संस्थागत सुदृढ़ीकरण तथा टिकाऊ कार्यबल विकास पर केंद्रित है। कार्यक्रम के अंतर्गत नसबंदी और रेबीज़ टीकाकरण प्रयासों को मोबाइल वेटरनरी क्लीनिक, पेशेवरों के व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा समुदायों के साथ सार्थक साझेदारी से जोड़ा जाएगा। इन पहलों के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवारक पशु चिकित्सा सेवाएँ, जन-स्वास्थ्य हस्तक्षेप और निरंतर सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह भी पढ़ें… शिक्षक योग्यता एवं चयन प्रक्रिया को कड़ा करने की सिफारिश

स्थानीय संगठनों के साथ साझेदारी से वास्तविक प्रभाव संभव

मार्स इम्पैक्ट फंड की कार्यकारी निदेशक मिशेल ग्रोग ने बताया कि वास्तविक प्रभाव समुदायों की आवश्यकताओं को समझकर और स्थानीय संगठनों के साथ साझेदारी से ही संभव है। ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स के साथ यह साझेदारी उन समुदायों में पशु चिकित्सा सेवाओं और प्रशिक्षण की पहुँच बढ़ाने में सहायक होगी, जहाँ इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहाँ मुक्त-भ्रमण करने वाले कुत्तों की आबादी बड़ी संख्या में है।

तीव्र शहरीकरण ने कई शहरों में संघर्ष को बढ़ाया है, जिससे दीर्घकालिक, संरचित और विज्ञान-आधारित समाधानों की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। मार्स की स्टेट ऑफ पेट होमलेसनेस रिपोर्ट 2023 के अनुसार भारत में लगभग 6.9 करोड़ कुत्ते और बिल्लियाँ बेघर हैं। रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि इन बेघर कुत्तों की आबादी को स्थिर और मानवीय तरीके से कम करने के लिए कम से कम 70 प्रतिशत नसबंदी कवरेज आवश्यक है, जो कई भारतीय शहरों में अब भी एक बड़ी संरचनात्मक चुनौती बनी हुई है।

लखनऊ में राष्ट्रीय एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित

भारत में मार्स की यह साझेदारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में उच्च गुणवत्ता वाली नसबंदी सेवाएँ और पशु चिकित्सा पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करेगी, साथ ही समुदायों और स्थानीय प्रशासन के साथ मजबूत सहयोग को बढ़ावा देगी। इसके तहत लखनऊ में देश का पहला समर्पित राष्ट्रीय एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा तथा देशभर के पशु कल्याण संगठनों के लिए मोबाइल प्रशिक्षण एवं क्षमता-विकास कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा।

मार्स पेट न्यूट्रिशन इंडिया के प्रबंध निदेशक मनीष स्याग ने कहा कि हैदराबाद और अहमदाबाद में पालतू पशु कल्याण पहल के तहत टीकाकरण की पहुँच बढ़ाने और पालतू कुत्तों के औपचारिक पंजीकरण को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अंतर्गत शहर-समर्थित व्यापक टीकाकरण अभियान, जन-जागरूकता कार्यक्रम तथा जिम्मेदार पालतू स्वामित्व को बढ़ावा देने के लिए विशेष संचार अभियान भी चलाए जाएंगे।

ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया की प्रबंध निदेशक आलोकपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि विज्ञान आधारित एबीसी कार्यक्रमों, बड़े पैमाने पर नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से कुत्तों के काटने की घटनाओं तथा रेबीज़ के जोखिम को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि मार्स इम्पैक्ट फंड 2025-2027 के बीच 85 मिलियन डॉलर का योगदान कर रहा है। 2028 से प्रतिवर्ष 50 मिलियन डॉलर की परोपकारी निधि वितरित की जाएगी।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button